पहाड़पुर ग्राम सभा के पंचायत भवन में वर्ष 2012 से भूसा रखने का किया जाता है काम

फतेहपुर। जनपद के जिला जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे के सख्त निर्देश देने के बावजूद मुख्य विकास अधिकारी सत्य प्रकाश की देखरेख में जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों का विकास कार्य की समीक्षा की जाती है वही बहुवा विकासखंड के ग्राम ग्राम पहाड़पुर में बने पंचायत भवन में वैसे तो गांव की पंचायत की जाती है परंतु पहाड़पुर ग्राम सभा में बने पंचायत भवन में वर्ष 2012 से बराबर भूसा भरने का काम निरंतर जारी है सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि पंचायत भवन में भूसा से भरी बोरियों की छड़ी लगी हुई है मौके पर पहुंचे संवाददाता ने जब वीडियो की पड़ताल करनी चाहिए तो वहां का नजारा कुछ और ही दिखा कहने को तो पंचायत भवन में बाहर से ताला पड़ा हुआ था परंतु अंदर भूसा से भरी हुई कई दर्जन बोरियां पड़ी हुई थी हालांकि ग्रामीणों से बात करने पर ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2012 से पूर्व में रहे प्रधान के समर्थक द्वारा पंचायत भवन में पंचायत होने के बजाय भूसा भरने का काम किया जाता था क्योंकि उनकी नजर में पंचायत भवन से ज्यादा सुरक्षित जगह कोई और नहीं दिखी तभी पंचायत भवन में भूसा से भरी हुई बोरियां रखने का काम किया जा रहा है वही ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2010 में रहे प्रधान के समर्थक शंकरलाल पुत्र मुनक्का पांडे के द्वारा पंचायत भवन भूसा रखने का काम निरंतर किया जा रहा है वैसे तो  सक्षम अधिकारी समय-समय पर ग्रामीण क्षेत्रों का औचक निरीक्षण करते रहते हैं परंतु  वर्ष 2012 से  इस काम को अंजाम देने वालों के खिलाफ आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई जब इस मामले की जानकारी ग्रामीण क्षेत्र के सेक्रेटरी नीरज सिंह से जानकारी ली गई तो उन्होंने मामले में लीपापोती करते हुए बताया कि उनकी जानकारी में यह मामला नहीं था  अब मामला प्रकाश में आया है जिसे जल्द साफ सफाई  कराते हुए भूसा भरी बोरियों को हटवाने का काम किया जाएगा वही स्वच्छ भारत मिशन की पोल खोलने पहाड़पुर गांव किसी गांव से पीछे नहीं कहने को तो सामुदायिक शौचालय बनाए गए परंतु ना तो सामुदायिक शौचालयों में दरवाजों की व्यवस्था है और ना ही ग्रामीण वासी उसे इस्तेमाल करते हैं सुबह शाम सामुदायिक शौचालय तथा पंचायत भवन में नशेड़ी ओं का लगता है जमावड़ा अब देखना यह है कि क्या वर्ष 2012 से ग्रामीण क्षेत्र के सेक्रेटरी ने सक्षम अधिकारियों को इस मामले की सूचना नहीं दी या फिर सूचना देने के बाद भी अधिकारियों ने पंचायत भवन की साफ-सफाई तथा भूसे से भरी हुई बोरियां हटवा ना जरूरी नहीं समझा।