कोरोना वैक्सीन के बाद 1200 से अधिक युवाओं के दिल में सूजन

पिछले साल से पूरी दुनिया में कहर बनकर आई कोरोना वायरस की दूसरी लहर अब धीमी पड़ती हुई नजर आ रही हैं वहीं इस वायरस से बचने के लिए भारत समेत कई बड़े देश वेक्सीनेशन अभियान चला रहे हैं। लेकिन इसी बीच लोगों को लगाई जा रही वैक्सीन के कुछ साइड इफेक्ट भी सामने आए हैं जो कि सामान्य हैं लेकिन सीडीसी को युवाओं में कुछ और भी लक्षण नजर आए हैं। वैक्सीनेशन के बाद 1200 से अधिक युवाओं में मिली हार्ट इन्फ्लेमेशन की रिपोर्ट- अमेरिका की सीडीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, कई युवाओं में वैक्सीन के बाद हार्ट में सूजन और जलन की शिकायत पाई गई है।  व्हाइट हाउस में टीम ब्रीफिंग के दौरान सीडीसी की निदेशक रोशेल वालेंस्की ने बताया कि उन्हें कोविड-19 वैक्सीनेशन के बाद  1200 से अधिक युवाओं में हार्ट इन्फ्लेमेशन की रिपोर्ट मिली है।महिलाओं की तुलना में पुरुषों में मायोकार्डिटिस के ज्यादा मामले- आपकों बतां दें कि सीडीसी ने मई के अंत से कोविड वैक्सीन के बाद मायोकार्डिटिस के कुछ मामलों पर निगरानी रखनी शुरू की थी। रिपोर्ट में महिलाओं की तुलना में पुरुषों में मायोकार्डिटिस के ज्यादा मामले देखे गए। बतां दें कि ये मामले फाइजर और मॉडर्ना वैक्सीन की दूसरी डोज के बाद ज्यादा देखे जा रहे हैं। एक न्यूज चैनल के मुताबिक, सीडीसी ने डॉक्टर्स से उन लोगों की रिपोर्ट मांगी है जिनमें वैक्सीन के बाद दिल से जुड़ी बीमारियों, मायोकार्डिटिस या पेरिकार्डिटिस के लक्षण देखे जा रहे हैं। मायोकार्डिटिस और पेरिकार्डिटिस के लक्षण- मायोकार्डिटिस और पेरिकार्डिटिस के मुख्य लक्षण बुखार, थकान, सीने में दर्द और सांस की तकलीफ शामिल हैं। वैक्सीन लगने के बाद अब तक इसके जितने भी मामले हैं, उनमें ज्यादातर गंभीर नहीं हैं। 

जानिए क्या है बचाव- कोविड-19 रिस्पांस टीम ब्रीफिंग के दौरान वालेंस्की ने कहा कि वैक्सीन के बाद इस तरह के मामलों में ज्यादातर लोग सही देखभाल और आराम करने के बाद पूरी तरह तरह ठीक हो जा रहे हैं। वैक्सीन और दिल से जुड़े इन मामलों पर एडवाइजरी कमेटी की होने वाली चर्चाएडवाइजरी कमेटी में हमें कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं। इससे हमारे सुरक्षा के प्रयास और मजबूत होंगे।

इसकी रोकथाम करने का कोई विशिष्ट तरीका तो नहीं है, लेकिन आप इन बातों का ध्यान रख सकते हैं जैसे कि- 

-जिन लोगों को वायरल और फ्लू जैसी बीमारियां हैं उन लोगों को दूर रहें जब तक वे पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाते।

 - यदि आप वायरल संबंधी किसी बीमारी से ग्रस्त हैं तो अन्य स्वस्थ लोगों के संपर्क में आने से बचें।

- अच्छी स्वच्छता को अपनाएं।

 - रोजाना नियमित रूप से हाथ धोना भी बीमारियां फैलने से रोकथाम कर सकता है।

- जोखिम भरी गतिविधियों से बचें।