इटालियन ओपन : राफेल नडाल की टक्कर यानिक सिनेर से

पिछले हफ्ते मैड्रिड ओपन के क्वार्टर फाइनल में जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव के हाथों शिकस्त का सामना करने वाले राफेल नडाल बुधवार को इटालियन ओपन के अपने शुरुआती मुकाबले में 19 वर्षीय स्थानीय खिलाड़ी यानिक सिनेर का सामना करेंगे।

दुनिया के नंबर तीन खिलाड़ी नडाल दो साल से मास्टर्स 1000 खिताब नहीं जीत पाए हैं। मैड्रिड ओपन के अंतिम8 में हार के बाद वह रैंकिंग में फिर से तीसरे स्थान पर खिसक गए। नडाल नौ बार रिकॉर्ड रोम में खिताब जीत चुके हैं जबकि 11 बार फाइनल खेल चुके हैं। नडाल और सिनेर के बीच यह दूसरी भिड़ंत होगी।

इससे पहले दोनों पिछले साल फ्रेंच ओपन के क्वार्टर फाइनल में खेले थे जहां नडाल ने बाजी मारी थी। सिनेर ने पहले दौर में फ्रांस के युगो हंबर्ट को आसानी से 6-2, 6-4 से मात दी। अन्य मैचों में डेनिस शापोवालोव ने कैमिल को 6-1,6-3 से और कैमरून नौरी ने रॉबर्टो कारवेल्लस को 6-4,6-4 से हराकर दूसरे दौर का टिकट कटाया। जापानी खिलाड़ी केई निशिकोरी को पाब्लो कैरेनो बुस्ता ने वॉकओवर दे दिया। 

सेरेना के सामने नादिया

रोम में चार बार की चैंपियन 39 वर्षीय सेरेना विलियम्स का सामना अर्जेंटीना की नादिया पोडोरोस्का से होगा। पोडोरोस्का ने पहले दौर में जर्मनी की लौरा सिगमुंड को तीन सेट के मुकाबले में 2-6, 7-6, 6-1 से पराजित किया। सेरेना और नादिया पहली बार एक-दूसरे के खिलाफ खेलेंगी।

तीन माह बाद अपना पहला टूर्नामेंट खेलने जा रही सेरेना का यह रिकॉर्ड 54वां मैच होगा। वह इस टूर्नामेंट में सर्वाधिक मैच खेलने वाली खिलाड़ी बन जाएंगी। अन्य मैचों में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी एशले बार्टी की भिड़ंत यारोस्लावा श्वेदोवा से, नाओमी ओसाका का जेसिका पेगुला से और कोको गॉफ का मारिया सकारी से होगा।

गार्सिया व पेरा जीतीं

कैरोलिना गार्सिया ने एलिसबेट्टा कोकिएरेटो को 7-6, 6-2 से और बर्नार्डा पेरा ने जिदानसेक को 6-3,6-2 से शिकस्त देकर दूसरे दौर में जगह बनाई। गर्बाइने मुगुरुजा ने पेट्रीसिया मारिया को 6-1, 6-2 से और मेडिसन कीज ने स्लोएने स्टीफंस को 4-6, 6-2, 7-5 से हराया। 

नडाल का ओलंपिक में खेलना तय नहीं 

नडाल ने स्वीकार किया है कि वह सुनिश्चित नहीं हैं कि टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लेंगे या नहीं। खेलों के महाकुंभ की शुरुआत से कुछ महीने पहले तक भी जापान में महामारी नियंत्रण में नहीं है। उन्होंने कहा,‘सामान्य समय में ओलंपिक खेल हमेशा मेरी मुख्य प्राथमिकता होते थे।

मौजूदा समय में ओलंपिक अब भी प्राथमिकता है लेकिन चीजें बदल गई हैं। हम लगभग डेढ़ साल से इस महामारी से जूझ रहे हैं और मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि मैं फैसला थोड़े समय को ध्यान में रखकर लूंगा। मैं अगले छह महीने नहीं बल्कि कुछ हफ्तों का ही कार्यक्रम बना रहा हूं। यह सब कुछ बदलती चीजों पर निर्भर करेगा। मेरा शरीर और दिमाग कैसे प्रतिक्रिया देता है क्योंकि मैं पहले ही 35 बरस का हो चुका हूं।’