बादाम के साथ मनाएं अंतर्राष्ट्री य परिवार दिवस का जश्न !

भारत: हर साल 15 मई को अंतर्राष्ट्रीअय परिवार दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन परिवारों के महत्वं को रेखांकित करता है और इसका लक्ष्यत परिवारों से सम्बंपधित मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाना है। इस दिन, हमें अपने परिवार की सराहना करनी चाहिये और समझना चाहिये कि हमारे लिये उनके क्याा मायने हैं। पूरी दुनिया में परिवार और उनकी जरूरतें बीतते समय के साथ बदल रही हैं और एक समाज के तौर पर हमें मिलकर आने वाली समस्यापओं को समझना चाहिये और याद रखना चाहिये कि समाज की संपन्न ता के लिये हमारे परिवार महत्व्पूर्ण हैं। महामारी के कारण हर परिवार की दिनचर्या प्रभावित हुई है और कई परिवारों के पास घर पर रहने के अलावा कोई और विकल्पा नहीं है। स्कूील बंद हैं, कार्यस्थऔल बंद हैं और कई पेरेंट्स तथा केयरटेकर्स अपने परिवारों के साथ घर पर हैं। इसे ध्याहन में रखते हुए, इस साल आज के दिन का थीम यह है कि परिवारों की सेहत पर नई टेक्नोालॉजीस का क्याह प्रभाव रहा है।

पिछले साल टेक्नो लॉजी ने वरदान और अभिशाप, दोनों का काम किया है, क्यों कि उसने पूरी दुनिया में परिवारों और दोस्तों् के बीच दूरी को कम किया है, लेकिन साथ ही उसका जरूरत से ज्यामदा उपभोग हुआ है और उस पर निर्भरता भी जरूरत से ज्या दा हो गई है। इससे परिवारों की सेहत भी प्रभावित हुई है ।

अंतर्राष्ट्री य परिवार दिवस पर हमें अपने परिवारों और खुद के बेहतर स्वास्थ्य और सेहत में योगदान देना चाहिये और अपनी जीवनशैली में कुछ छोटे, लेकिन प्रभावपूर्ण बदलाव कर सभी के स्वासस्यायी का ध्यादन रखना चाहिये। इसकी शुरूआत का एक अच्छा तरीका है जानकारी के आधार पर फूड चॉइस करना और सही स्नैाकिंग। बादाम जैसे नट्स 15 पोषक-तत्वोंन का स्रोत हैं, जैसे विटामिन ई, मैग्नीदशियम, प्रोटीन, रिबोफ्लेविन, जिंक, आदि। इसके अलावा, बादाम स्वास्त्योत को कई लाभ देने के लिये भी जाने जाते हैं।

बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री सोहा अली खान ने कहा, “इसमें कोई शक नहीं है कि कोरोनावायरस महामारी ने हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित किया है। कोई नहीं जानता कि यह कितने समय तक रहेगी, लेकिन एक मां होने के नाते, मेरे लिये अपने परिवार के स्वासस्य्भ   की सुरक्षा करना और उसे बेहतर बनाना महत्व पूर्ण है। सबसे पहले मैं यह सलाह दूंगी कि अपनी और अपने परिवार की डाइट में बादाम जैसे हेल्थीम फूड्स शामिल करना शुरू करें। रोजाना बादाम खाने से डाइट में कई पोषक-तत्वि तो आते ही हैं, इससे इम्यु्निटी को भी ताकत मिल सकती है, क्योंनकि बादाम में कॉपर अच्छी् मात्रा में होता है और वे जिंक, फोलेट और आयरन का स्रोत हैं। बादाम में विटामिन ई भी अच्छी  मात्रा में होता है, जो पल्मो नरी इम्युवन फंक्श न को सपोर्ट करने के लिये एंटीऑक्सीबडेंट का काम करता है। विटामिन ई वायरस और बैक्टीैरिया से होने वाले संक्रमणों से सुरक्षा देने के लिये भी जाना जाता है  । इसके अलावा, इस मनहूस दौर में परिवारों का एकजुट रहना और एक-दूसरे को शारीरिक, भावनात्माक और मानसिक सहयोग देना जरूरी है। दिन में एक बार एक परिवार के रूप में मिलकर भोजन करने और अपने स्कूवल, कॉलेज या काम की बातें साझा करने जैसी छोटी कोशिशें भी जुड़े रहने का एक बेहतरीन तरीका है और इससे एक-दूसरे की सेहत को फायदा होगा।” 

बात को आगे बढ़ाते हुए, ऋतिका समद्दार, रीजनल हेड- डायटीटिक्सक, मैक्सन हेल्थरकेयर- दिल्ली , ने कहा, “पिछले साल से, कई ऐसे परिवार हैं, जिन्होंटने संकट का आघात झेला है, अपने सदस्योंन को नुकसान से बचाया है, बच्चोंस की देखभाल की है और आजीविका के लिये काम भी जारी रखा है। परिवारों को पोषण से भरपूर भोजन करने और शारीरिक रूप से सक्रिय रहने की जरूरत है। इसके लिये एक छोटा, लेकिन प्रभावपूर्ण बदलाव यह किया जा सकता है कि अपनी और अपने परिवार की डाइट से सभी अनहेल्थीए स्नैहक्से को बाहर कर दें। यह सुनिश्चित करने के लिये, आप अपने रसोई भंडार में सुधार करें और अपूर्ण विकल्पों  की जगह बादाम जैसे हेल्थीह फूड्स अपनाएं। बादाम तृप्त  करने वाले गुणों के लिये जाने जाते हैं और एनर्जी भी देते हैं और इस प्रकार परिवार के सभी सदस्योंअ के लिये एक हेल्थी  और स्वाकदिष्टज भोजन बन जाते हैं। इसके अलावा, बादाम में विभिन्नक प्रकार के महत्वेपूर्ण पोषक-तत्वव होते हैं, जो हर बाइट के साथ आपको सेहतमंद बनाते हैं।”

पाइलेट्स एक्स पर्ट और डाइट एंड न्यूूट्रीशन कंसल्टेवन्टे माधुरी रूइया ने कहा, “मेरा मानना है कि परिवारों को अपने स्वापस्य्एं  को प्राथमिकता देनी चाहिये- जिसमें पार्टनर्स, पेरेंट्स और बच्चें शामिल हैं। परिवार के लोगों को एक-दूसरे की देखभाल के लिये मिलकर कोशिश और काम करना चाहिये- स्वाास्य्ला  और पोषण के संदर्भ में। जिन पेरेंट्स का वर्क  शेड्यूल व्यिस्तऔताओं से भरा है और जिनके लिये परिवार की देखभाल करना एक जिम्मे दारी है, उनकी प्राथमिकता सही खाने पर होनी चाहिये। परिवार की तंदुरूस्ती  के लिये एक बेहतरीन विकल्प  के तौर पर आप बादाम पर भरोसा कर सकते हैं। शोध बताता है कि बादाम ब्लपड शुगर के लेवल को हेल्थी  बनाये रखने में मदद कर सकते हैं और साथ में खाये जाने वाले कार्बोहाइड्रेट फूड्स का ब्लखड शुगर पर प्रभाव कम कर सकते हैं। यह डायबीटीज के रोगियों और जिन्हें  डायबीटीज नहीं है, उनके लिये भी महत्वपपूर्ण हो सकता है । अपने पास मुट्ठीभर बादाम हमेशा रखिये, ताकि सभी के पास हमेशा एक हेल्थीक स्नैैक रहे।”

न्यूवट्रीशन एंड वेलनेस कंसल्टेटन्टि शीला कृष्णास्वायमी ने कहा, “परिवार के हर सदस्य  के लिये, चाहे वह बुजुर्ग हो या युवा, आज की व्यंस्तट लाइफस्टााइल में अपने स्वा्स्य्मी  का ध्या न रखना महत्वदपूर्ण है। इसके लिये एक सुविधाजनक और स्वा स्य्व् कर तरीका है परिवार की दैनिक खुराक में बादाम को शामि‍ल करना। इसका प्रभाव सकारात्मकक होगा, क्योंसकि शोध ने दिखाया है कि बादाम ब्लमड शुगर लेवल्सक को हेल्थीा बनाये रखने में मदद कर सकते हैं और यह भारत में टाइप 2 डायबीटीज के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक महत्वगपूर्ण बात है  ।”

फिटनेस एक्स पर्ट और सेलीब्रिटी मास्टटर इंस्ट्रकक्टमर यास्मिन कराचीवाला ने कहा, ‘’मेरे परिवार का स्वारस्य् इ  हमेशा से मेरी प्राथमिकता रहा है। चाहे हमारा जीवन कितना भी व्य्स्तट हो, फिटनेस और हेल्थीन लाइफस्टाबइल से समझौता करना अच्छीा बात नहीं है। खासकर हमारे बच्चोंव के लिये, क्योंनकि अभी प्रतिबंध जारी हैं, वे आउटडोर एक्टिविटीज नहीं कर रहे हैं और प्रोसेस्ड  या ऑइली फूड जमकर खा रहे हैं। इस प्रकार के फूड को खाने से लंबे समय में उनके वजन और विकास पर बुरा प्रभाव हो सकता है। बतौर पेरेंट्स हमारे लिये अपने बच्चेस के दैनिक आहार पर नजर रखना महत्वरपूर्ण है। बादाम जैसे नट्स अनहेल्थीं स्नैयक्स् का बेहतरीन विकल्पर हैं, क्योंेकि उनमें तृप्ति देने का गुण होता है, जो पूर्णता का एहसास देता है। यह आपके बच्चे  को भोजन के बीच संतुष्टब रखने और तले हुए, अनहेल्थीं स्नैनक्सि खाने की उनकी चाहत को कम करने में मदद करेगा।”

इस अंतर्राष्ट्री य परिवार दिवस पर बादाम के साथ ज्या दा स्वेस्थट रहने का संकल्पए लेते हुए एकजुटता के आनंद का उत्स व मनाएं।

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Almonds from California are a natural, wholesome and quality food. The Almond Board of California promotes almonds through its research-based approach to all aspects of marketing, farming and production on behalf of the more than 7,600 almond growers and processors in California, many of which are multi-generational family operations. Established in 1950 and based in Modesto, California, the Almond Board of California is a non-profit organization that administers a grower-enacted Federal Marketing Order under the supervision of the United States Department of Agriculture.