खूब किया जतन पर नहीं मिला वेतन,छा रहा आर्थिक संकट

कानपुर देहात। कोरोना महामारी के संकट काल के बीच परिषदीय स्कूलों में मृतक आश्रित कोटे के तहत चयनित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वेतन के लिए तरसना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि लॉकडाउन लगने से पहले इन्हें वेतन का भुगतान नहीं हो पाया। इसके चलते ये लॉकडाउन अवधि के लिए पर्याप्त राशन तक नहीं खरीद पाये हैं। बताते चलें जनपद में इस श्रेणी के कई ऐसे कर्मचारी हैं जिनको नियुक्ति मिले 6-7 माह से अधिक का समय हो गया है लेकिन विभाग के ढुलमुल रवैये के कारण वे अभी तक वेतन पाने के मोहताज हैं। कई कर्मी इधर उधर से कर्जा लेकर जैसे-तैसे अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। वेतन लगाने के लिए वे अपने बीआरसी केंद्र व बीएसए कार्यालय के बाबुओं से निवेदन कर रहे हैं किन्तु लाख जतन के बाद भी इन्हें अभी तक एक भी माह का वेतन नहीं मिला है। सरवनखेड़ा विकासखंड में नियुक्ति राधेश्याम त्रिवेदी, मलासा ब्लाक में नियुक्त अभिषेक त्रिपाठी, मैथा में नियुक्त अंशू कुमार, अमरौधा ब्लॉक में नियुक्त विमल प्रकाश व संजय कुमार आदि विभाग में करीब 5-6 माह से अपनी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन विभाग द्वारा अभी तक इन्हें एक भी माह का वेतन नहीं दिया गया है। वेतन नहीं मिलने से इनकी हालत दयनीय है। जरूरी चीजों के लिए मोहताज होने से ये लोग मानसिक रूप से प्रताडित हो रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ पटल सहायक और अधिकारी नवनियुक्त शिक्षकों के अभिलेखों का सत्यापन कराने में भी दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। इस कारण चार माह से इन शिक्षकों को भी वेतन नहीं मिल रहा है। अंतर जनपदीय स्थानांतरण पर भी जिले में जो शिक्षक आये हैं उन्हें भी वेतन दिए जाने की कार्यवाही विभागीय अधिकारी और पटल लिपिक ने अभी तक शुरू नहीं की है। आखिरकार इस कोरोना काल में ये अपना व अपने परिवार का जीवन निर्वहन कैसे करेंगे। बीएसए सुनील दत्त का कहना है कि प्रकिया गतिमान है जल्द ही सभी के वेतन का भुगतान किया जायेगा।