दो पहलू

एक सिक्के के दो पहलू होते हैं

गुब्बारे रंग से नहीं उड़ा करते हैं

खाने की वस्तुएं  नकली भी हैं

हर चीज की नकल मिलती है

नकल कभी नहीं हो सकी लता की

नकल नहीं हो सकती अमिताभ की

नकल कौन करेगा शेक्सपियर की

क्या नकल होगी सूर तुलसीदास की

विक्रमादित्य की नकल हो न हो सकी

कौन है जैसा जैसे हरिदास जी

कवि व लेखक नकली भी हैं

और दिखते जैसे असली हैं

अचानक शीर्षक दिया जाए

कितने पानी में पता चल जाए

ना कभी चोरी करें लेखन की

चोरी कभी नहीं होती विद्या की

जितनी कलम चलती जाए

उतनी कलम निखरती जाए

हर लेखक के पास अधिकार

मित्र प्रकाशन और पहला प्रयास

लेखक की रचना स्व  नाम न करें

नकल उसके नाम सहित ही करें

अब क्या कहूं मैं कलम से ज्यादा

सभी में है बुद्धि मुझसे भी  ज्यादा

पूनम पाठक बदायूँ