कहा है अनुशासन

जो परिस्थिति पर इस वक्त देश और दुनिया की है उसमे बहुत सारे परिबलो का असर है ,अगर उन पर बात करेंगे तो कुछ ज्यादा ही लंबी बात हो जाएगी।वैसे दुनिया  और देश के साथ साथ इस महामारी मैं हमलोगो की भी काफी जिम्मेवारी है।

        कौन फॉलो करता है करोना गाइड लाइंस की? ज्यादातर लोगों के मास्क नाक के नीचे ही देखने को मिलते है मानो मास्क का कार्य ही होंटो को ढकना है।कोई भी कार्यालय या डाकघर या बैंक में जाते है तो जो भी काउंटर के सामने खड़े है उसके उपर हाथ ये कोहनी टीका के खड़े रह जाते है।

      सामाजिक दूरी की तो बात ही नही,दो गज तो छोड़ो कोहनी मार के आपको धकेल के आगे निकल जाते है,और आप उनसे शिकायत करो तो बोलते है कि इतना ही खयाल है सेहत का तो घर मैं बैठो।

        कोई लोग अगर बाहर निकलते है या कामवालो या माली को बोलो कि गांव मत जाओ करीना फैल रहा है,तो सुनिए जवाब,ये आप समृद्ध लोगो को होता हम को नहीं होता,जैसे करोना को सब की आर्थिक परिस्थिति का पता है।

      बोलो फ्रेंड्स को मत मिलों मिलो तो दूरी और मास्क दोनो का खयाल रखो,लो सुनो जवाब,न उनके घर से कोई बाहर जाता है न हमारे तो सेफ है।

       ये हमारे हित में है की पूरी सावधानी बरते ये तंबाकू खाना या सिगरेट पीने जैसी असावधानी नही है ये तो आपके साथ साथ अप के परिवार और पड़ोसियों और जो भी आपके संपर्क में आता है सब के लिए खतरनाक है।

    करोना की सावधानी व्यक्तिगत ही नही सामाजिक जिम्मेवारी भी है।

कृपया अपने साथ साथ अपनो का भी खयाल रखे।वैसे तो सरकार सरकार अपने सारे माध्यमों से आपको चेतावनी देती है,अखबारों में,मोबाइल फोन की रिंगटोन में,टेलीविजन पे क्या ये हम सुन के भी अनसुना करते है?क्या हमारा स्वास्थ्य सिर्फ सरकार की जिम्मेवारी है?हमारे सहकार की भी जरूरत है,चलो आज हम कसम ले की सरकार को सहकार करेंगे, रसीकरन में सहकार के साथ साथ सामाजिक दूरी और मास्क का भी खयाल करेंगे।


जयश्री बिर्मी

अहमदाबाद