"सोनू सूद द रिअल हीरो"

आज जहाँ कुछ घरवाले ही कोरोना पेशन्ट को अकेला छोड़ देते है ऐसे कठिन दौर में कई लोगों के लिए मसीहा बनकर मदद की अलख जगाने वाले हिन्दी फ़िल्म जगत के अभिनेता सोनू सूद सच में मानवता की मिसाल और असली हीरो बनकर आगे आए है।  इमानदारी और सौहार्द भाव से मजदूर से लेकर हर ज़रूरतमंदों के लिए ईश्वर का प्रत्यक्ष रूप बनकर उभरे है। सही मायने में सेलिब्रेटी वाला काम करके लोगों का दिल जीत लिया इस बंदे ने।

लुधियाना के मोगा में जन्में सोनू सूद इंसानियत का जीता जागता उदाहरण बन गए है, सोनू सूद की गिनती उन अभिनेताओं में होती हैं जो अपने परिश्रम और अदाकारी के बलबूते पर इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उनका दूर-दूर तक फिल्म इंडस्ट्री से कोई भी कनेक्शन नहीं था अपने दम पर फ़िल्म उद्योग में एक खास जगह बनाई। सोनू सूद ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत तमिल फिल्म कालजघर से की। इसके बाद वह उन्नती की सीढियों पर चढ़ गए और एक से एक सुपरहिट फिल्में करने लगे। 

इस समय सोनू सूद एक मसीहा के रूप में उभरे और उन्होंने कई हजार मजदूरों को खुद के पैसे से घर भिजवाया। फ़िल्मों में भले विलेन के किरदार निभाए असली ज़िंदगी में हीरो शब्द बहुत बौना लगेगा सोनू के काम के आगे उन मजदूरों की नज़रों में भगवान से कम नहीं सोनू सूद जो पैदल चलकर गाँव का रुख़ कर रहे थे। मुंबई के साथ-साथ विभिन्न राज्यों में फंसे हुए लोगों को ट्रेन से और एरोप्लेन से जो भी सुविधा हो पाई घर पहुंचाने की भरपूर कोशिश की। इस काम के कारण सोनू सूद को न सिर्फ देश के लोगों से बल्कि विदेश की तरफ से भी काफी सम्मान मिला है। इसी बीच सोनू सूद के नेक काम को देखते हुए उन्हें 'मुंबई अचीवर्स अवार्ड्स 2020' से सम्मानित करके 'वर्ष का असली सुपर हीरो' के खिताब से नवाजा गया है।

सोनू ने अपने पिता शक्ति सूद के नाम पर एक स्कीम लॉन्च की। जिसके तहत वह हर रोज 45000 लोगों को खाना खिला रहे है। इसके अलावा उन्होंने स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए मुंबई के जुहू में स्थित अपना शक्ति सागर होटल भी खोल दिया। जिससे सभी स्वास्थ्य कर्मी वहां आकर ठहर सकें।

एक्टिंग से ज्यादा सोनू सूद की तारीफ उनके सोशल वर्क को लेकर हो रही है। पूरा सोशल मीडिया उनका फैन हो गया है क्योंकि जो कोई भी उनसे मदद की गुहार लगा रहा है उसको उसका वह मदद खुले दिल से कर रहे हैं।

सोनू सूद ने अपने फिल्मी करियर में युवा से लेकर शूटआउट वडाला और दबंग से लेकर सिंबा के जरिए शोहरत कमाई। वैसे तो उन्होंने कई भाषाओं के फिल्मों में काम किया है पर विलेन के रोल में उन्हें काफी पसंद किया जाता है। दबंग फिल्म में छेदी सिंह के रोल में उन्हें काफी पसंद किया गया। उन्होंने जैकी चैन के साथ कुंग फू योगा में भी काम किया है। सोनू सूद को अपने फिल्मों के लिए कई अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है। उन्हें दबंग के लिए बेस्ट विलन का आइफा अवॉर्ड मिल चुका है। इसके अलावा उन्हें फिल्म अनु अरुंधति के लिए नंदी अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है। इतना ही नहीं उन्हें अरुंधति के लिए बेस्ट सर्पोटिंग एक्टर फिल्मफेयर अवार्ड भी मिल चुका है। इस कोरोना काल को इतिहास तो याद करेगा ही करेगा, पर सोनू सूद की दिलदारी के चर्चे भी सदियों तक लोगों की जुबाँ दोहराती रहेगी उस बात में दो राय नहीं।

(भावना ठाकर, बेंगुलूरु)#भावु