कोरोना के महासंकट में मेघालय स्टूडेंट्स की मदद करने के लिए आगे आई महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी

                                     

कोरोना ने कई परिवारों को उजाड़ दिया है और कई बच्चों ने अपने अभिभावकों को खो दिया है। इस महासंकट में महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी, मेघालय स्टूडेंट्स की मदद करने के लिए आगे आई है। यूनिवर्सिटी ने ऐसे स्टूडेंट्स को मुफ्त शिक्षा देने का फैसला किया है जिनके अभिभावक का कोरोना के कारण निधन हो चुका है और उन्हें आगे की पढ़ाई करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने ऐसे जरूरतमंद स्टूडेंस्ट्स को मुफ्त में शिक्षा देने का फैसला किया है। 

महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी के चांसलर राजन चोपड़ा का कहना है कि कोरोना के कारण कई स्टूडेंट्स ने अपने अभिभावक को खो दिया है, जिसके कारण उन्हें आगे की पढ़ाई करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मानवता के आधार पर महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने ऐसे सभी जरूरतमंद स्टूडेंट्स को मुफ्त में शिक्षा देने का फैसला किया है। राजन चोपड़ा ने कहा कि जरूरतमंद स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी के बीए. एमए, बी फॉर्मा, डी फॉर्मा, लॉ, एमएलटी, डीएमएलटी जैसे कोर्सस में दाखिला ले सकते हैं और आगे की पढ़ाई मुफ्त में जारी रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन मुफ्त शिक्षा के साथ-साथ मुफ्त में किताबें भी मुहैया कराएगा। जरूरतमंद स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी प्रशासन से नीचे दिए गए नंबर्स और ईमेल पर संपर्क कर सकते हैं।

राजन चोपड़ा ने आगे कहा कि महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी के अलावा कोरोना संकट में अपने अभिभावक खो चुके जरूरतमंद स्टूडेंट्स, उत्तर प्रदेश में कानुपर-लखनऊ हाइवे पर स्थित महात्मा गांधी यूनिवर्स इंस्टीट्यूट और दयानंद दीनानाथ इंस्टीट्यूट टेक्नोलॉजी कॉलेज में बी. टेक, बीबीए, एमबीए, बीएससी और आईटीआई में दाखिला लेकर मुफ्त में शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। राजन चोपड़ा ने कहा कि एक्सेल बुक पब्लिकेशन हाउस ने मैंनेजमेंट,आईटी और टेक्निकल कोर्सेस की किताबें जरूरतमंद स्टूडेंट्स को मुफ्त में देने का फैसला किया है। 

राजन चोपड़ा सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते रहे हैं और वे कई सालों से फ्री स्कॉलरशिप देकर स्टूडेंट्स को पढ़ा रहे हैं। कोरोना संकट में उन्होंने बड़े पैमाने पर ऑक्सीन सिलेंडर, दवाईयां और खाना देकर लोगों की मदद की है। दिल्ली के आईएसबीटी इलाके में पिछले अप्रैल महीने से लगातार सैकड़ों लोगों को मुफ्त में खाना खिला रहे हैं। पिछले साल भी लॉकडाउन के समय उन्होंने दिल्ली पुलिस के साथ साथ हजारों लोगों को मुफ्त में खाना मुहैया कराया था।