मेरी माँ

तू है ममता की प्यारी मूरत,

सबसे अच्छी है तेरी सूरत।

ओ मेरी माँ, ओ मेरी माँ.......


तेरे कदमों में है सारा जहाँ,

तुझसे प्यारा और कोई कहाँ।

ओ मेरी माँ, ओ मेरी माँ.......


सदा मुसीबतों से तूने बचाया,

जीने के काबिल मुझे बनाया।

ओ मेरी माँ, ओ मेरी माँ.......


बिन तेरे ये दिल बेचैन रहता,

आँचल में तेरे सुकून मिलता।

ओ मेरी माँ, ओ मेरी माँ..........


संसार का हर इक रिश्ता देखा,

तेरे जैसा प्यार कहीं नहीं देखा।

ओ मेरी माँ, ओ मेरी माँ..........


तुझमें ही मिलते हैं चारो धाम,

पैर छूने से बन जाते सारे काम।

ओ मेरी माँ, ओ मेरी माँ........


नवनीत कुमार शुक्ल(शिक्षक)

रायबरेली, उत्तर प्रदेश

मो.न.- 9451231908(वाट्सएप)