ईद मुबारक

हुआ था बद्र का युद्ध, 

जो हुआ था घमासान।

पैग़म्बर हज़रत मोहम्मद, 

ने प्राप्त की थी विजय।

होता हर्ष और उल्लास, 

मुस्लिम भाई पढ़ें नमाज।

सुबह की नमाज़ से पहले, 

फर्ज़ है कि वह ज़कात दें।

करते हैँ भूख का अहसास, 

छोड़ सकें व्यक्ति लालच।

बनते कई तरह के पकवान, 

मीठी सेवइयां बने हैँ साथ।

स्त्री पुरुष पढ़ते हैँ नमाज़,

पवित्र माने जाएँ  रमजान।

ईद सभी को ही हो मुबारक, 

वक्त गुजर जायेगा रखें सब्र।

अपने लिए दुआ, 

सबके लिए दुआ।

पूनम पाठक बदायूँ