स्वर्ग पर कर लो कब्जा

हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर आप सभी को शुभकामनाओं के साथ एक खुशखबरी आपुनके बड़े भाई संपूर्ण क्रांति के प्रणेता लोकनायक जयप्रकाश नारायण आंदोलन की प्रबल  आग लोकतंत्र सेनानी वरिष्ठ पत्रकार भाई धीरेंद्र नाथ श्रीवास्तव 1977 में आज ही के दिन गृहस्थ जीवन की उस अटूट बंधन में भारती जी के साथ बंधे थे इसलिए हिंदी पत्रकारिता दिवस का महत्व उनके जीवन में और हम लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है इस अवसर पर उनके इस अटूट बंधन को ईश्वर से प्रार्थना है अनंत काल तक बनाए रहे इन्हीं शुभकामनाओं के साथ भाई और भौजाई दोनों को शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं ! और हिंदी पत्रकारिता दिवस पर उनके द्वारा रचित रचना प्रस्तुत कर रहा हूं!

अनिल त्रिपाठी 

अध्यक्ष 

लोकनायक जयप्रकाश नारायण ट्रस्ट 

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हिन्दी पत्रकारिता दिवस को अर्पित सात चौपदा

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पुनः समय का सर्वे करने निकले हैं  नवरत्न।

गांव के मुखिया कल्लू जी हैं लल्लू जी से प्रश्न।

उत्तर सभी से अच्छा।

बता दो सबको बच्चा।

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बता रहे खुद बीमारी से केवल कल्लू जूझा।

लल्लू रहा ट्वीट में उलझा आग में कल्लू कूदा।

लगोंटा नया जल गया।

करोना देख डर  गया।

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सुई दवा सभी के घर में अस्पताल भए खाली।

जनता खुश हो मना रही है घाटों पर दीवाली।

दुखी हैं सिर्फ विरोधी।

कामी क्रोधी लोभी।

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मियां के घर का तेल छू रहा केवल सौ का डोर।

हिन्दू वाली सरसो पहुंचीं अब दो सौ की ओर।

बोल चाहत की जय जय।

बोल साहब की जय जय।

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थोड़ी थोड़ी कमी के कारण गड़बड़ सूबेदार।

केवल इनको बदल के देखो फिर होगी जयकार।

करा दो बन्द रुहफ़ज़ा।

स्वर्ग पर कर लो कब्जा।

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नदी के तट पर लाश बिछी है सागर में तूफान।

इसीलिए है बहुत जरुरी सुन्दर नया मकान।

चीन लख गल जाएगा।

पाक लख जल जाएगा।

-------- 7 -------

जो भी जय जय कहता उसको कहकर पत्तलकार।

धीरु भाई मना रहे हैं कलमों का त्योहार।

बोल जय मार्तण्ड की।

भरत भारत अखण्ड की।

- धीरु भाई