कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक, पैरेंट्स को रहना होगा सावधान, डाॅक्टर ने बचाव बताए

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

कोरोना का कहर अब बच्चों को भी नहीं छोड़ रहा। बच्चे भी इस खतरनाक वायरस की चपेट में आ रहे हैं। दूसरी लहर जितनी खतरनाक है तीसरी लहर उससे भी ज्यादा खतरनाक बताई जा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, देश में आने वाली कोरोना की तीसरी लहर का टारगेट बच्चे होंगे। 

देश में अभी दूसरी लहर भी अपने पीक पर नहीं पहुंची है और इतनी मौतें हो चुकी हैं। ऐसे में अगर दूसरी लहर अपने पीक पर पहुंची तो क्या होगा। इसी को देखते हुए तीसरी लहर की चिंता यहीं कि है मासूम बच्चे इसे कैसे झेल पाएंगे। 

16 साल से छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा खतरा 

विशेषज्ञों के अनुसार, तीसरी लहर की चपेट में बच्चे आएंगे क्योंकि तीसरी लहर के आने तक देश में अधिकतर वयस्कों को कोविड-19 वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी होगी इसी के चलते वह बच्चों से ज्यादा सुरक्षित होंगे। तीसरी लहर में 15 साल तक के बच्चे ज्यादा प्रभावित होंगे। बच्चों को टीके न लगे होने के कारण ही तीसरी लहर उनके लिए खतरनाक होगी। 

तीसरी लहर से पैरेंट्स कैसे बचाएं बच्चों को? 

1. बच्चों को इस खतरनाक वायरस से बचाने के लिए पैरेंट्स को पहले ही सावधान रहने होगा। बच्चों की इम्यूनिटी का मजबूत होना बहुत जरूरी है। कमजोर और कुपोषण के शिकार बच्घ्चों के लिए कोविड-19 नुकसान पहुंचा सकता है।

2. डॉक्टर्स का कहना है कि बच्चों का अभी टीकाकरण नहीं हुआ है इसलिए पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त व कमजोर इम्यूनिटी वाले बच्चों को बाहर जाने से रोकें। 

3. चाइल्ट स्पैशेलिस्ट डाक्टर्स के अनुसार, बच्चों को हैल्दी खाना खिलाएं जिसमें फल-सब्जियां, फ्रूट जूस और अंडे शामिल हो। जंक और फास्ट फूड खाने के आदी बच्चों की इम्यूनिटी बहुत कमजोर होती है। इन बच्चों को खास केयर की जरूरत है। तीसरी लहर से पहले जब तक टीका नहीं आ जाता तब तक प्रोटीन रिच चीजें देते रहें।

याद रखें कि बच्चे के खान-पान का ध्यान रखना बहुत जरूरी है क्योंकि अच्छा खान-पान उन्हें बीमारियों और कोरोना वायरस के खतरे से बचाएगा। मल्टीविटामिन चाहे कोरोना का इलाज नहीं करते लेकिन इम्यूनिटी को मजबूत जरूर करते हैं। 

कोरोना की तीसरी लहर कब दे सकती दस्तक? 

वैज्ञानिकों के अनुसार, तीसरी लहर इसी साल अक्तूबर महीने में आ सकती है। वहीं डॉक्टरों के अनुसार, कोरोना का अगला कहर 2022 के मार्च महीने में ही होगा क्योंकि उसी समय मौसम बदलता है और सर्दी से गर्मी बदलते मौसम के दौरान भी यह संक्रामक बीमारी फैलती है। 

बच्चों को वैक्सीन क्यों नहीं लग रही? 

वैक्सीन सिर्फ 16 साल से अधिक उम्र के लोगों को ही लग रही है क्योंकि डब्ल्यूएचओ ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों को वैक्सीन ना लगाने की सलाह दी है। बच्चों पर कोरोना वैक्सीन का ट्रायल नहीं किया गया है क्योंकि पहली लहर बच्चों के लिए खतरनाक नहीं थी लेकिन कोरोना की दूसरी लहर बच्चों को भी अपनी चपेट में ले रही है इसलिए अब बच्चों के लिए भी वैक्सीन के उपयोग और ट्रायल की जरूरत बढ़ गई है। फिलहाल जब तक बच्चों का टीकाकरण नहीं होता खान-पान का विशेष ध्यान रखें।