क्या सच है

देश में तबाही का मंजर ,नेता भोक रहे शब्दों के खंजर।

नाची कंगना, भाजपा के अंगना ,देखन को विराट रूप।

चारो ओर गूंज रही आवाज बचा लो ,बचा लो -हे राम

अनिल त्रिपाठी