दमोह की हार बीजेपी में रार

मध्यप्रदेश की दमोह विधानसभा के उपचुनाव के नतीजे चौंकाने वाले आये ।कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए राहुल सिंह लोधी को कांग्रेस के अजय टंडन ने 17000 वोटों से हराकर बड़ी जीत दर्ज की ।

जहां कांग्रेस खेमे में खुशी की लहर है तो भाजपा के अंदर खाने में हार की निराशा साफ दिख रही हैं।

दमोह विधानसभा मध्यप्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री एवं सात बार से विधायक जंयत मलैया की सीट है ।

मलैया भाजपा के कद्दावर नेता हैं और दमोह क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता काफी है ।जनता की पसंद हैं अच्छा खासा प्रभाव रखते हैं।

भाजपा में बढ़ती उम्र के नेताओं को इस बार विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी नहीं बनाया गया था।

 तब मलैया ने अपने पुत्र सिद्धार्थ मलैया को आगे बढ़ाया।क्षेत्र में उनकी मंशा थी की उपचुनाव में पार्टी में उनके बेटे सिद्धार्थ को प्रत्याशी बनाएं ।

लेकिन राहुल सिंह लोधी अपनी कांग्रेस पार्टी एवं विधायकी से इस्तीफा देकर आए थे और भाजपा में शामिल हुए तो भाजपा शीर्ष बड़े नेताओं ने उन्हें प्रत्याशी बनाने का आश्वासन दिया था ।


भाजपा में शामिल होने के बाद राहुल सिंह लोधी प्रथम बार जब दमोह जिले आए पुराने कांग्रेसी नेताओं कार्यकर्ताओं में इतना  आक्रोश था कि एक कार्यकर्ता राहुल की तरफ जूता की माला पहनाने को दौड़ा।

पुलिस प्रशासन को बीच में आना पड़ा और तुंरत कुछ लोगों को अरेस्ट किया गया ।

दमोह में राहुल लोदी मुर्दाबाद, धोखेबाज, दगाबाज , बिकाऊ है,

 जैसे नारे लगाए गए।

दमोह क्षेत्र में जनता में काफी नाराजगी थी। टिकाऊ बनाम बिकाऊ राजनीति हो रही थी ।

इसका सीधा असर चुनाव में देखने को मिला।

 जनता कांग्रेस के साफ स्वच्छ छवि के अजय टंडन के साथ गई। जनता ने टिकाऊ नेता पर विश्वास जताया है।

दमोह सीट की  हार ने सत्ता और संगठन पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।

दमोह सीट को जीतने के लिए भाजपा ने कोई कमी नहीं की थी।

खुद शिवराज सिंह चौहान  मुख्यमंत्री जी ने ताबड़तोड़ जनसभाएं की।

 दमोह में नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह और लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव जैसे अनुभवी वरिष्ठ दिग्गज नेताओं को सीट जिताने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी ।

खुद सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय वी डी शर्मा अंतिम समय तक डटे रहे ।

छोटे बड़े मिलाकर कुल 20 भाजपा के नेता चुनाव अभियान में पुरजोर लगे थे ।

लेकिन परिणाम ने सारे समीकरण ध्वस्त कर दिए ।

 अपनी जीत को आश्वस्त दिख रही भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा ।

कहीं ना कहीं यह भाजपा के लिए बड़ी पराजय है ।

चुनाव के ठीक बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हार की समीक्षा की जाएगी।

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा जी ने अपना एक बयान जारी कर कहा की  हम जयचंदो के कारण हारे हैं।

हार के आरोप मलैया परिवार पर खुद राहुल लोधी लगा रहे ।

भितरघात और भाजपा प्रत्याशी के लिए प्रचार प्रसार पार्टी एवं अन्य नेताओं की नजर में मलैया परिवार ही हार का जिम्मेदार है।

जंयत मलैया ने अपने उपर लग रहे आरोप में कहा कि ऐ भाजपा की हार नहीं यह राहुल लोधी की हार है ।

दमोह की हार के बाद राहुल लोधी की मांग पर पार्टी ने जबावी  कार्यवाही की।

 जयंत मलैया के बेटे सिद्धार्थ मलैया को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है और जयंत मलैया को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया  है। 

रातों रात दमोह के कलेक्टर और एसपी को तबादला कर दिया गया।

 एक्सन में भाजपा  सरकार

पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत मलैया के उपर हो रही कार्रवाही पर लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव, पूर्व मंत्री कुसुम महदेले, पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी , पूर्व मंत्री अजय विश्नोई बचाव में उतरे ।

पार्टी के दूसरे वरिष्ठ नेताओं को लग रहा है कि कांग्रेस से भाजपा में आएं नेताओं के कारण पार्टी में उपेक्षा हो रही। संगठन को पार्टी में तरजीह नहीं दी जा रही ।

इससे निष्ठावान समर्पित पुराने दिग्गज नेताओं में असंतोष उपज रहा है ‌।

अपनी सियासी जमीन को तलाश रहे नेता चिंतित नजर आ रहे हैं।

जयंत मलैया ने कहा कि मैं पार्टी हाईकमान के सामने अपना पक्ष रखूंगा।

सबकुछ ठीक होने का दावा कर रही भाजपा के अंदर खाने में, खींचतान, अंतर्कलह, बगावती  सुर निकल रहें।

 क्या सबकुछ ठीक कर भाजपा डैमेज कंट्रोल कर पाएगी या ऐ मामला दिल्ली हाईकमान तक जाएगा। 


शैलेन्द्र पयासी युवा लेखक, पत्रकार

विजयराघवगढ़,कटनी मध्यप्रदेश