इतिहास पुरुष बनने के खाति

इतिहास अगर लिखना हो मानव 

संघर्ष  झेलना पड़ता बहुत बड़ा।

बड़े बड़े और धीर पुरूष के

 संघर्ष का इतिहास गवाह ।।


 पुरुष से महापुरुष का सफर 

होता है बहुत जटिल।

भगीरथ का भगीरथी लाना

 होता है उतना कठिन।।


नर से नारायण कैसे बनते

 इतिहास के पन्ने है अंकित।

सबल समर्थ होकर भी 

उनकी नर लीला है अंकित।।


इतिहास पुरुष बनने के खातिर

 लेना पड़ता सुदर्शन हाथ।

अधमी के कर्मो को दंडित

 करना पड़ता खुद हीं आप ।।


सपथ उठाते राष्ट्र रक्षा का

 अंतिम श्वासों तक का साथ।

फिर तिल तिल कर जलना पड़ता

 और सोना पड़ता सरसैया के साथ।।


इतिहास पुरुष बनने के खातिर

 तोड़ना पड़ता चक्रव्यूह का द्वार।

चाहे योद्धा कितना बलशाली

 वेधना पड़ता सातो द्वार।।


पद चाप छोड़ गये महापुरुषों ने 

करके अपने अनूठे कार्य।

चाहे वाधा अंधी का आए 

या आए फिर मूसलाधार।।


उन चापो पर चलकर मानव

 तय करना है मंजिल आप।

फिर जब कल इतिहास में 

अध्याय जुड़ेगा 

आपना पन्ना भी होगा साथ।।


श्री कमलेश झा

नगरपारा भागालपुर