अक्षय तृतीया बड़ी पावन व शुभ तिथि है

अक्षय तृतीया महत्वपूर्ण-पावन दिवस है आज।

वैशाख माह का शुक्ल पक्ष तिथि तृतीया आज।

अक्षय का अर्थ है ये जिसका कभी नहीं हो क्षय।

इसदिन जो भी शुभ कार्य हो वो रहे सदा अक्षय।

ब्रम्हा पुत्र अक्षय जन्म दिवस  है अक्षय तृतीया।

माँअन्नपूर्णा का अवतरण दिवस अक्षय तृतीया।

चिरंजीवी महर्षिपरशुराम जयंती अक्षय तृतीया।

माँ गंगा का अवतरण दिवस है ये अक्षय तृतीया।

अक्षय तृतीया को ये मिला खजाना है कुबेर को।

इस तिथि में सूर्यदेव दिए अक्षय पात्र पांडवों को।

आदि शंकराचार्य ने कनकधारा स्त्रोत रचा आज।

वेदव्यास ने महाभारत रचना शुरू किये थे आज।

वेदव्यास को श्री गणेश जी का इसमें मिला साथ।

दोनों मिल महाकाव्य महाभारत पूर्ण किये काज।

प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ ऋषभ देव जी भगवान।

13 माह कड़े उपवास का,पारण गन्नारस कर पान।

इसी शुभ दिन श्री बद्री नारायण धाम कपाट खुले।

बाँकेबिहारी मंदिर वृन्दा.में कृष्ण चरणदर्शन मिले।

प्रभु जगन्नाथ जी के सभी रथों का बनाना प्रारम्भ।

इन्ही रथों से होती श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा शुभारंभ।

अक्षय तृतीया को हुआ है महाभारत युद्ध समाप्त।

हे प्रभु!कृपा करें अपनी ये कोरोना भी हो समाप्त।

हे कृपानिधान ! दया करें दुनिया का कोरोना टारें।

अक्षय तृतीया की शुभ तिथि में  यह वायरस मारें।

रचयिता :

डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव

वरिष्ठ प्रवक्ता-पी बी कालेज,प्रतापगढ़ सिटी,उ.प्र.

इंटरनेशनल चीफ एग्जीक्यूटिव कोऑर्डिनेटर

2021-22,एलायन्स क्लब्स इंटरनेशनल,प.बंगाल

संपर्क : 9415350596