बिहार में कोरोना से 96 और मरीजों की हुई मौत, 5,920 नए मामले आए सामने

                                                 

पटना : बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पिछले 24 घंटे के दौरान 96 और मरीजों की मौत हो गई, जिन्हें मिलाकर सोमवार (17 मई) तक राज्य में महामारी से 3,928 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, इस अवधि में 5,920 और लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि होने के साथ राज्य में कुल कोरोना के मामलों की संख्या बढ़कर 6,57,829 हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी है कि बिहार में पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण से जिन 96 मरीजों की मौत हुई, उनमें पटना के 20, बेगूसराय के 11, लखीसराय व सारण में चार-चार, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, नालंदा, पश्चिम चंपारण, सिवान और सुपौल में तीन-तीन, अररिया, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, जमुई, कैमूर, मधुबनी, मुंगेर, रोहतास और वैशाली के दो-दो, बांका, गया, जहानाबाद, किशनगंज, मधेपुरा, पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, शेखपुरा और सीतामढ़ी के एक-एक मरीज शामिल हैं।

बिहार में रविवार (16 मई) अपराह्न चार बजे से सोमवार अपराह्न चार बजे तक कोविड-19 के 5,920 नए मामले प्रकाश में आए। इनमें सबसे अधिक 1189 मामले राजधानी पटना के हैं। विभाग ने बताया कि इसके अलावा अररिया में 106, औरंगाबाद में 169, बेगूसराय में 214, भागलपुर में 165, बक्सर में 53, दरभंगा में 106, पूर्वी चंपारण में 191, गया में 289, गोपालगंज में 174, कटिहार में 153, खगड़िया में 87, किशनगंज में 96, मधेपुरा में 110, मधुबनी में 226, मुंगेर में 66, मुजफ्फरपुर में 203, नालंदा में 226, पूर्णिया में 161, सहरसा में 133, समस्तीपुर में 280, सारण में 124, शेखपुरा में 57, सीतामढ़ी में 58, सिवान में 136, सुपौल में 371, वैशाली में 371 और पश्चिम चंपारण में 228 नए मामले आए।

विभाग के मुताबिक पिछले साल शुरू हुई महामारी की चपेट में अब तक 6,57,829 लोग आ चुके हैं, जिनमें से 5,84,203 मरीज ठीक हुए। ठीक होने वाले मरीजों में 11,216 लोग गत 24 घंटे में संक्रमण मुक्त हुए हैं। बिहार में पिछले 24 घंटों के दौरान कुल 1,25,342 नमूनों की जांच गई। अब तक राज्य में 2,81,94,831 नमूनों की जांच की गई है। बिहार में वर्तमान में कोविड 19 के 69,697 मरीज उपचाराधीन हैं। वहीं, मरीजों के ठीक होने की दर 88.81 प्रतिशत है। राज्य में बृहस्पतिवार को 18 से 44 वर्ष और 45 वर्ष से ऊपर सहित 1,28,917 लोगों ने कोविड-19 का टीका लिया, जिन्हें मिलाकर प्रदेश में अब तक 86,78,999 लोग टीका ले चुके हैं।

इधर, पटना के एक अणे मार्ग स्थित सरकारी आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होम आइसोलेशन ट्रैकिंग (एचआईटी) कोविड एप को लॉन्च करते हुए नीतीश ने कहा कि खुशी की बात है कि आज इस एप को लॉन्च किया गया। उन्होंने कहा कि कोरोना से संक्रमित बड़ी संख्या में मरीज होम आइसोलेशन में रह रहे हैं। इन मरीजों के ऑक्सीजन स्तर की निरंतर अनुश्रवण की आवश्यकता है क्योंकि इस बार के संक्रमण में मरीजों के ऑक्सीजन स्तर गिरने के कई मामले सामने आ रहे हैं, जिससे उनकी स्थिति ज्यादा गंभीर हो जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एचआईटी कोविड एप से होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों की देखभाल में सहूलियत होगी।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के द्वारा मरीजों के घर पर जाकर प्रतिदिन उनके शरीर का तापमान और ऑक्सीजन स्तर जांच की जाएगी, जिसके आधार पर उनका उचित इलाज समय पर हो सकेगा। कुमार ने कहा कि चिकित्सकीय पर्यवेक्षण के दौरान जिनका ऑक्सीजन स्तर 94 से कम पाया जाएगा, उन्हें आवश्यकता पड़ने पर समर्पित कोविड-19 मरीज देखभाल केंद्र में समय पर भर्ती कराकर उनका इलाज कराया जाएगा। उन्होंने ने कहा कि ग्रामीण इलाके में स्वास्थ्य परामर्शियों को प्रशिक्षित किया गया है, उनकी भी इस काम में सेवा लें।

कार्यक्रम में येलोग रहे शामिल

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार व चंचल कुमार उपस्थित थे जबकि वीडियो कन्फ्रेंस के माध्यम से उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद व रेणु देवी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय सहित संबंधित जिलों के प्रभारी मंत्रीगण, मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत व संबद्ध विभागों के वरीय पदाधिकारीगण, जिलाधिकारीगण, वरीय पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक जुड़े हुए थे। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव संतोष कुमार मल्ल ने एचआईटी कोविड एप के बारे में बताया कि इसे स्वास्थ्य विभाग के मार्गदर्शन में बेल्ट्रन द्वारा विकसित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रायोगिक तौर पर इस एप का उपयोग सुपौल, गोपालगंज, औरंगाबाद, नालंदा और भागलपुर में सफलतापूर्वक किया गया है।