शिव-गौरा

दूर गगन से संदेशा आया,

शिव गौरा संग घर मे पधारे।

जगमग जगमग चमके चांद सितारे,

सूरज भी हो गया निहाल।

नन्दी भी आए कुटुंब के साथ,

लागे जैसे शिव की बारात।

बगिया झूमे डाली डाली,

फूलों ने पहनाया गले मे हार।

शिव जी ने जो भांग चढ़ाई,

देवताओं ने भी ली अंगड़ाई।

फूलों की बरसात हुई,

झूमे आलम सारा आज।

शिव जी ने जो भस्म मला,

इन्द्रधनुष के रंगों ने किया कमाल।

लाल पीले नीले रंगों से,

सबने मनाई होली आज।

सरस्वती जी ने जो तान छेड़ा,

गौरा संग शिव जी नाचे आज।

फिजाओं मे है मस्ती छाई,

गौरा भी मुस्काई बारमबार।

दीये से घर रोशन हो गया,

हम भी नतमस्तक हो गए आज।

सत सत नमन करते तुम्हे,

कृपा करो हे करुणानिधान।

प्रियंका पांडेय त्रिपाठी

प्रयागराज उत्तर प्रदेश

स्वरचित एवं मौलिक