म्हारो राजस्थान

म्हारो प्यारा राजस्थान,म्हारो न्यारा राजस्थान।

शौर्य-वीरता की धरती है,

वीर बने बलिदानी

नारी ने जौहर को करके,

रच दी नवल कहानी

म्हारो यारा राजस्थान,बहुत दुलारा राजस्थान।

महल,दुर्ग,तालाब बावड़ी,

झीलें,नहरें सुंदर

मंदिर-रचना उच्च कोटि की,

सौंदर्य है अंदर

हर इक वारा राजस्थान,हर दिल हारा राजस्थान।

महाराणाओं,चेतक ने तो,

रिपु को धूल चटाई

आए जो भी हमला करने

सबने मुँह की खाई

है सुहाना राजस्थान,ताना-बाना राजस्थान।

लोकगान,सब नृत्य लुभाते,

पहनावे में शान

पगड़ी,मूँछें गरिमा रखतीं,

बातों में है आन

नया ज़माना राजस्थान,मधुर तराना राजस्थान।

                       --प्रो.(डॉ)शरदनारायण खरे

                                 प्राचार्य

                 शासकीय जेएमसी महिला महाविद्यालय

                            मंडला(मप्र)-481661

                              (मो.9425484382)