तैयारी के बाद भी नहीं दिया गया सोनम हरित को टिकट

मेरठ। पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है और सभी पार्टियों ने अपने-अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतार दिया है। परंतु जिले में ऐसे भी वार्ड नजर आ रहे हैं जहां पर तैयारी किस प्रत्याशी ने की और टिकट किसी और प्रत्याशी को दे दिया गया। हम बात कर रहे हैं वार्ड नंबर एक की जहां से मेरठ जिला पंचायत शुरू होती है। यहां पर एक दावेदारों को पार्टी के आलाधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि पंचायत चुनाव के लिए तैयारी करें परंतु जब नामांकन का समय आया तो टिकट किसी और का मंजूर हो गया। जिससे उनकी सभी तैयारियां धरी रह गई। इस बात का उनके समर्थकों और क्षेत्र के लोगों में भी रोष है। 

ग्राम पंचायत चुनाव के लिए सभी पार्टियों ने अपने अपने पत्ते खोल दिए और सभी ने अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतार दिया है परंतु इन सबके बीच उन प्रत्याशियों को काफी दुख हुआ जिनका टिकट नामांकन से एक दिन पूर्व ही काटकर अन्य प्रत्याशी का घोषित किया गया। मामला है विधानसभा हस्तिनापुर के वार्ड नंबर एक का जहां पर भाजपा के दिग्गजों ने सिवालखास के पूर्व विधायक विनोद हरित को वार्ड नंबर एक से चुनाव की तैयारियों में जुट जाने को कहा वही वार्ड नंबर एक की सीट अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है। जिसके बाद विनोद हरित ने अपनी पुत्रवधू सोनम हरित को वार्ड नंबर एक से चुनाव लड़ाने के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिया। और समाज सेवा करने वाली सोनम हरित भी दिन-रात लोगों से संपर्क करने लगी और लोगों से घर घर जाकर भाजपा की योजनाओं के बारे में बताने जाने लगी। उनकी लगातार क्षेत्र में मेहनत करने के बाद यह पाशा नामांकन तिथि से एक दिन पूर्व पलट गया जब 12 अप्रैल को भाजपा ने अपने प्रत्याशियों की सूची जारी की जिसमें सोनम हरित का वार्ड एक से चुनाव लड़ने के लिए सूची में नाम ही नहीं लिया गया। उनके स्थान पर क्षेत्र के अन्य किसी प्रत्याशी का नाम की घोषणा पार्टी की ओर से की गई। जिस बात की कसक न केवल हरित परिवार को थी बल्कि क्षेत्र के लोगों को भी हुई। क्षेत्र के लोगों का कहना था कि सोनम हरित लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़कर सामाजिक कार्य किए और लंबे समय से वह और उनका पूरा परिवार भाजपा से जुडा हैं। जब हमने उनसे बात की तो सोनम ने बताया कि उनका जीवन भाजपा के साथ ही बीता है। उनके पिता रविंद्र राठौर हरिद्वार के ज्वालापुर से वर्तमान में भाजपा के विधायक हैं। और माता भी समाजसेवी संस्थाओं से जोड़ते हुए विधायक प्रतिनिधि का दायित्व निभा रही हैं। जिनके संस्कारों पर चलते हुए सोनम हरित भी सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही और उनका सपना था। कि वार्ड एक से उनका नाम घोषित होगा और वह चुनाव जीतकर क्षेत्र में गरीब तबके की महिलाओं के साथ मिलकर उन्हें जागरूक कर समाज में आगे लाएंगी। परंतु भाजपा के पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा उनका टिकट नामंजूर करने से उनके सभी सपने टूट गए। सिवालखास में उनका परिवार 2016 से भारतीय जनता पार्टी से जुड़ कर पार्टी हित के लिए कार्य कर रहा है जिसमें उनके ससुर पति और वह पूरी निष्ठा से भाजपा के लिए कार्य कर रहे हैं उनका कहना है कि वह आगे भी भाजपा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे और भविष्य में अगर उन्हें किसी पद पर प्रत्याशी घोषित किया जाता है तो वह पूरी निष्ठा से पार्टी को फैसले को स्वीकार करेंगी।

सोनम निभा रही है धोरी जिम्मेदारी

अपने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में सोनम ने बताया कि वह ग्रहणी की सभी जिम्मेदारी बखूबी निभा रही है वही अपने दिन भर के बहुमूल्य समय से कुछ समय सामाजिक लोगों की सेवा में भी लगा रही हैं उनका बचपन से ही सामाजिक लोगों के दुख दर्द बांटने का सिलसिला चला आ रहा है। सोनम ने बताया कि परिवार में बच्चों और परिवार के साथ राजनीति में समय देना बहुत मुश्किल है परंतु वह अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं।