मोहर और हस्ताक्षर लगाने के नाम पर अधिकारियों,कर्मचारियों की मनमानी

 

पवई-आजमगढ़ ।पवई विकासखंड में अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान के उम्मीदवारों से अदेय प्रमाण पत्र बनाने, हस्ताक्षर करने तथा मोहर लगाने  के नाम पर दो सौ,तीन सौ, पाँच सौ रुपए की अवैध वसूली करने का मामला प्रकाश में आया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट रूप से 200 रुपए का नोट खंड विकास अधिकारी रवि रंजन के कार्यालय की खिड़की से कर्मचारी द्वारा हाथ से लेते हुए दिखाई दे रहा है। जहां सदस्य जिला पंचायत के उम्मीदवारों का कहना है कि अदेय प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर 350 रुपए की अवैध वसूली की जा रही है ठीक वहीं कुछ लोगों ने बताया कि खंड विकास अधिकारी की खिड़की के अंदर से सेक्रेटरी विशाल चंद्रा द्वारा हस्ताक्षर एवं मोहर के नाम पर 200 रुपए, ग्राम प्रधान के लिए अदेय प्रमाण पत्र के लिए भी 350 रुपए की धन उगाही की बात उजागर हो रही है। एक क्षेत्र पंचायत उम्मीदवार के अनुसार सेक्रेटरी ने 500 रुपए की मांग की है। वहां पर उपस्थित तमाम उम्मीदवारों का आरोप है कि कुछ लोगों से अधिकारी कर्मचारी नाजायज वसूली करके प्रमाण पत्र बनाते हैं उन पर हस्ताक्षर करते हैं और मोहर लगाते हैं किंतु कुछ लोगों से बिना पैसा लिए ही उनका काम कर देते हैं। इसके संबंध में फूलपुर के उप जिलाधिकारी द्वारा  वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट रूप से वसूली का मामला सामने आने पर उल्टे दूसरे लोगों से पवई ब्लाक के अधिकारियों कर्मचारियों का मोबाइल नंबर और नाम मांगा जा रहा है जबकि उन्हें अपने स्तर से जांच करके ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। ब्लॉक के अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा आम जनता के शोषण की जानकारी जिलाधिकारी को दी गई किंतु अभी तक उनके द्वारा मामले का कोई संज्ञान नहीं लिया गया। प्रशासन के आला अधिकारियों की चुप्पी साधने से यह स्पष्ट होता है कि जीरो टॉलरेंस की बात करने वाले प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ की मंशा पर प्रशासन द्वारा पानी फेरने और सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाई जा रही नीतियों को करारा तमाचा मारा जा रहा है जिससे आम जनता सरकार से लाखों रुपए वेतन पाने वाले अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती जा रही है।