पंचायत चुनाव में सपा ने मुसलमानों से किया किनारा

                                    पार्टी में मुसलमानों का वरदहस्त गवारा नहीं अखिलेश को

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी की मुस्लिम विरोधी मानसिकता पूरी तरह बे नकाब हो गई है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लगभग सभी सीटों से प्रत्याशीयों की घोषणा कर दी है। घोषणा करने के बाद अन्य पार्टियों एवं संगठनों में एक भूचाल सा आगया है। लोगों का कहना है। कि समाजवादी पार्टी को अधिकांश वोट मुस्लिम समाज करता है। लेकिन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश में हो रहे जिला पंचायत के चुनाव में मुसलमानों को पूरी तरह नकार दिया है यही हाल लगभग अन्य जनपदों का है। जिला पंचायती चुनाव प्रत्याशियों की घोषणा से साफ जाहिर होरहा है। कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का मुस्लिमों की तरफ से रुझान हट चुका है। अन्य पार्टियां वे संगठनों का इस पर सवाल खड़ा करना भी वाजिब है। यही नही सपा के इस बेरुखी रवय्ये पर अन्य दलों ने सियासी रोटियां भी सेकना शुरू कर दीं हैं। क्योंकि सपा को मुस्लिम समाज पिछ्ले 30 वर्षों से खुल कर वोट करता रहा है। यही नहीं सपा को अपनी पार्टी मानता है। इसलिए सवाल खड़े होना भी वाजिब है। मालूम हो कि यूनाइटेड मुस्लिम फाउंडेशन के अध्यक्ष शुएब अहमद ने अखिलेश यादव पर खुलकर जातीवाद का आरोप लगाते हूए कहा कि अखिलेश को मुसलिमों का वोट तो चाहिए पर प्रतिनिधित्व देने में शर्म आती है सरकार तो मुस्लिमों के वोट से बनाते हैं और मलाई सिर्फ उन्के स्वजातीय लोग ही खाते हैं। अध्यक्ष शुएब अहमद वह ने कहा पहले तो मुलायम सिंह यादव ने जमकर मुसलमानों को ठगा है। अब उनसे चार कदम आगे अखिलेश यादव दिखाई पड़ रहे हैं। जो सिर्फ वोट बैंक के लिए मुसलमानों और कथित मौलवियों से मिलते हैं। सिर्फ अपना मतलब निकालने के लिए दिखावा करते हैं। जबकि सच्चाई कुछ और ही है। यह मुसलमानों को फूटी आंख  नहीं देखना चाहते। जिला पंचायती चुनाव से साफ जाहिर हो गया है। कि अखिलेश यादव के मन में मुसलमानों के प्रति कितनी गंदगी भरी है। पार्टी में चारों तरफ यादवों की जय जयकार सुनना ही पसंद करते हैं। मुस्लिम का वोट तो चाहते हैं। लेकिन मुसलमान को किसी भी पद पर नहीं देखना चाहते।