लखनऊ के निजी अस्पतालों में भी होगा कोरोना के मरीजों का इलाज

लखनऊ: कोरोना वायरस का इलाज सरकारी अस्पताल के साथ ही अब निजी अस्पतालों में भी संभव हो गया है. योगी सरकार में कोरोना वायरस के इलाज के अब आपको सिर्फ सरकारी अस्पतालों पर ही निर्भर रहने की जरूरत नहीं है. आयुष्मान भारत -प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी कोविड संक्रमित का इलाज किया जाएगा. सरकार की तरफ से लखनऊ के 17 निजी अस्पतालों की सूची जारी कर दी गई है, जहां इलाज की सुविधा उपलब्ध हैं.

जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग इन सभी निजी अस्पतालों में पीपीईटी किट, ऑक्सीजन, रेमेडिसिवर व अन्य दवाइयां उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा. यही नहीं यहां भर्ती होने वाले सभी मरीजों की सूचना लखनऊ में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में उपलब्ध रहेगी. यह सभी निजी अस्पताल कोविड-19 संक्रमित रोगियों के इलाज के लिए first point of contact की तरह कार्य करेंगे.

इन निजी अस्पतालों में मिलेगा इलाज

जिलाधिकारी लखनऊ की तरफ से जारी की गई सूची के आधार पर एंडवांस न्यूरो एंड जनरल हॉस्पिटल, एवन हॉस्पिटल, अपोलो मेडिक्स. कैरियर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड हॉस्पिटल, फेहमिना हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर ब्लड बैंक, ग्रीन सिटी हॉस्पिटल, जेपी हॉस्पिटल, किंग मेडिकल सेंटर, मां चंद्रिका देवी हॉस्पिटल, पूजा हॉस्पिटल एंड मल्टीस्पेशियिलिटी सेंटर, राजधानी हॉस्पिटल, संजीवनी मेडिकल सेंटर, श्री साईं लाइफ हॉस्पिटल, वागा हॉस्पिटल, विनायक मेडिकेयर हॉस्पिटल, विनायक ट्रामा सेंटर एंड हॉस्पिटल और सिप्स बर्न हॉस्पिटल शामिल है. इन सभी निजी अस्पतालों में कुल 405 बेडों की व्यवस्था है. जिनमें वेंटिलेटर के 45 और ऑक्सीजन के 360 बेड्स मौजूद हैं.

जिला प्रशासन की तरफ से हर अस्पताल के नोडल अफसर का नाम और नंबर भी जारी कर दिया गया है. ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की कोई समस्या न आए. वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि पूरे प्रदेश में अब हर रविवार को लॉकडाउन रहेगा और मास्‍क नहीं पहनने पर पहली बार एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. राज्‍य सरकार ने सभी ग्रामीण और शहरी इलाकों में प्रत्येक रविवार को साप्ताहिक लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है. इस दौरान आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी बाजार और दफ्तर बंद रहेंगे। केवल स्वच्छता संबंधी और आपातकालीन सेवाएं ही संचालित होंगी. साप्ताहिक बंदी के दौरान चिकित्सा व स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यक सेवाएं एवं आवश्‍यक वस्‍तुओं की आपूर्ति यथावत जारी रहेगी और पंचायत चुनाव के मतदान के लिए पोलिंग पार्टियों की रवानगी का कार्य संचालित होता रहेगा.