दंदरौआ सरकार

संकट मोचन प्रभु करो, भक्तों का उद्धार।

रोग,शोक,दुख प्रभु हरो, दंदरौआ सरकार।

दंदरौआ सरकार, अमंगल प्रभु जी टारो।

दूर करो सब कष्ट, नाथ अब आन उबारो।

कह 'कोमल' कविराय, जगत के सारे झंझट।

शरण तुम्हारी नाथ, हरो भक्तों के संकट ।


अनुरागी प्रभु राम के, चरणों में धर शीश।

हाथ जोड़ विनती करूँ, रक्षा करो कपीश।

रक्षा करो कपीश, सभी शुभ मंगल करिये।

मन के अशुभ विकार, दोष सब कपिवर हरिये।

कह 'कोमल' कविराय, नहीं तुम सो बड़भागी।

राम भक्त अनुरक्त, राम के पद अनुरागी।


श्याम सुन्दर श्रीवास्तव 'कोमल'

व्याख्याता-हिन्दी

अशोक उ०मा०विद्यालय, लहार

भिण्ड, (म०प्र०)

मो०- 8839010923

komalsir17@gmail.com