बलिदान दिवस पर मंगल पाण्डे को किया नमन

छिवलहा। छिवलहा क्षेत्र के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अकबरपुर चोराई में आज भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ज्वाला को धधकाने वाले क्रांतिवीर अमर शहीद मंगल पाण्डेय को याद करते हुए नमन किया गया और श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बताते चलें कि देश की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण होने पर देश में मनाए जा रहे आजादी का अमृत महोत्सव के तहत आज मंगल पाण्डेय जी के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानाचार्य प्रमोद द्विवेदी ने छात्रों को संबोधित करते हुए बताया कि 30 जनवरी 1831 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में जन्मे मंगल पाण्डेय बंगाल के नेटिव इफेन्ट्री में एनआई की 34वीं रेजीमेंट में सिपाही के पद पर तैनात थे। बंगाल इकाई में जब इंफील्ड पी-53 राइफल में नई किस्म के कारतूसों का इस्तेमाल शुरू हुआ तो हिन्दू-मुस्लिम समुदाय के सैनिकों और गोरों के मन में बगावत के बीज अंकुरित हो गये।

 उस समय इन कारतूसों को मुंह से खोलना पड़ता था। भारतीय सैनिकों में ऐसी खबर फैल गयी कि इन कारतूसों में गाय और सुअर की चर्बी का इस्तेमाल किया जाता है। उस समय अंग्रेजों ने हिन्दुस्तानियों का धर्म भ्रष्ट करने के लिए यह तरकीब अपनायी थी। जब इसकी जानकारी मंगल पाण्डेय को हुई तो 29 मार्च 1857 बैरकपुर छावनी से अंग्रेजों के विरूद्ध उन्होंने विद्रोह का विगुल फूंक दिया। उनकी इस ललकार पर उस समय ईस्ट इण्डिया कम्पनी में खलबली मच गयी और इसकी गूंज पूरी दुनियां में सुनाई दी। 

गोरों ने मंगल पाण्डेय तथा उनके सहयोगी ईश्वरी प्रसाद पर कुछ समय में ही काबू पा लिया था, लेकिन इन लोगों की जांबाजी ने पूरे देश में उथल पुथल मचा दिया। इससे तंग आकर अंग्रेजों ने निर्धारित 18 अप्रैल के बजाय 08 अप्रैल 1857 को मंगल पाण्डेय को फांसी पर लटका दिया। 

इस अवसर पर राष्ट्रीय गीत वन्देमातरम के रचयिता एवं भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों के प्रेरणास्रोत बंकिम चन्द्र चटर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भी नमन करते हुए श्रद्धांजली अर्पित की गई। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक अवध किशोर, आवास कुमार, राजेश मौर्य एवं विपिन श्रीवास्तव रहे।