भाजपा उत्सव और प्रचार से ही सरकार चला रही: अखिलेश यादव

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि आगामी वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश का चुनाव देश का चुनाव होगा। पश्चिम बंगाल ने दिखाया है कि भाजपा किसी भी स्तर पर जाकर चुनाव लड़ती है। उसके लिए आदमी की जान से ज्यादा चुनाव जीतना जरूरी है। देश-प्रदेश में तमाम लोग परेशानियों से जूझ रहे हैं। वैश्विक महामारी कोरोना ने फिर हम सबको घेर लिया है। ऐसे चक्रव्यूह में फंस गए हैं कि कैसे निकलें? किसी ने ऐसे बुरे और काले दिन नहीं देखे होंगे। भाजपा इस सबसे बेखबर उत्सव और प्रचार से ही सरकार चला रही है। जनता अब आने वाले समय में बदलाव की तरफ देखेगी। वह तरक्की और खुशहाली के लिए वोट करेगी और भाजपा का सफाया हो जाएगा। अखिलेश यादव आज पार्टी मुख्यालय में कांग्रेस, बसपा और भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के बड़ी संख्या में अपने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल होने के अवसर पर पत्रकारों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि उनके आने से पार्टी को ताकत मिलेगी। पार्टी अपने साथ समाज के सभी वर्गो के लोगों को जोड़ने का काम करेगी। श्री यादव ने कहा कि आज तमाम लोग परेशानी में है। कितने लोग कोराना के संक्रमण में जान गंवा चुके हैं। इस संकट में गरीब का रोजगार छिन गया। पलायन के दौरान लोगों की जाने चली गई। जिन्हें संकट से बचाव के लिए इंतजाम करना था वे स्टार प्रचारक बनकर झूठ बोलने निकल पड़े हैं। अस्पतालों में न दवाएं हैं, न बेड हैं, नहीं इलाज की व्यवस्था है। पर्याप्त टेस्ट नहीं हो रहे हैं, जो हो रहे हैं उनकी जांच रिपोर्टें बहुत विलम्ब से मिल रही हैं, उसमें भी अनियमितताएं हो रही हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि जिन लोगों को वैक्सीन लगी है, वे भी संक्रमित हो रहे हैं। चिकित्सा संस्थानों तक में यह रोग फैला है, शामली उत्तर प्रदेश में कोरोना के टीके की जगह कुत्तों के काटने पर लगने वाला टीका लगा दिया गया। यह दर्दनाक है। यह कैसी व्यवस्था है कि न तो वैक्सीन से बचाव हो रहा है और नहीं संक्रमितों की सही से देखभाल हो रही है। स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। हर तरफ अराजकता है। मंहगाई थम नहीं रही है। किसान पर तीन काले कृषि कानून लाद दिये गये हैं। लाभप्रद उद्योग बेचे जा रहे हैं। भाजपा का काम जनता को गुमराह करना है। भाजपा कोरोना बीमारी के बारे में वास्तविक जानकारियां छुपाकर वाहवाही में खुशी मनाती रही। अब हालात उसके काबू में नहीं रह गए हैं।