समाज को दर्पण दिखाती कोरोना का दूसरी भयावह लहर

आज हमारे भारत देश मे दूसरा कोरोना वायरस का भयावह हमला हमें दर्पण दिखा रहा है लाकडाऊन लगवा कर कि इंसान देखो इस दर्पण मे किस कदर तुम्हारी ही खता के कारण मुझ कोरोना वायरस को फिर से पैर पसारने का मौका मिल गया है।मुझ कोरोना का हलके मे लेने के कारण ही मैं फिर से भयावह रुप धारण कर इंसानों को लीलने चला आया तुम्हारे भारत देश मे।जिसके चलते लाकडाऊन लगा और तुम इंसानों को ही पुनः घर मे कैद होना पड़ा साथ ही आर्थिक तंगी का भी सामना फिर से करना पड़ा।

      सच यदि देखा जाऐ तो आज ये कोरोना हमें फिर से दर्पण दिखा चीड़ा रहा है कि मैं कितना भयावह और विकराल हूं,आज जनता कि गलती के कारण कोरोना फिर से पैर पसार रहा है।रोज़ाना अनगिनत कोरोना के मरीज निकल रहे हैं जो कि हजारों के तादाद मे होते साथ ही रोज इतने लोगो कि मौत भी हो रही है।लोग इतना भयावह मंजर देखने के बावजूद भी बिल्कुल मानने को तैयार नहीं लोगों को मना करने के बाद भी लोग बाजारों मे,भीड़-भाड़ वाले इलाकों मे इकट्ठे होकर खरीदारी भी कर रहे हैं।साथ ही इतने ज्यादा सख्त नियमों के चलते लापरवाही अपनाते हुए नियमों की धज्जियां भी उड़ा रहे हैं।ना मास्क लगा रहे और ना ही सोशल डिस्टेंस का पालन भी नहीं कर रहे।जिसके चलते एक से दूसरे मे ये कोरोना वायरस की चैन बढ़ती ही चली जा रही है।

  महाराष्ट्र मे सबसे अधिक भयावह स्थिति है कोरोना की महाराष्ट्र राज्य के नागपुर मे ही रोजाना तीन से साढ़े तीन हजार तक कोरोना मरीज निकल रहे हैं और रोजाना तीस से पैंतिस लोग मर रहे हैं।लाकडाऊन के चलते व्यापार जगत भी बंद कर दिया गया जिसके चलते व्यापारियों की आर्थिक स्थिति दयनीय होती चली जा रही है।

     प्रशासन द्वारा दुकानों, प्रतिष्ठानों,सार्वजनिक कार्यालयों सभी को बंद रखा जाने का निर्णय भी लिया गया।परंतु अधिक समय तक सब बंद करना संभव नहीं था।पुनः ढ़िलाई दी गई।परंतु लोग इस ढ़िलाई का भी नाजायज़ फायदा उठाते हुए लापरवाही कर रहे हैं।

और नियमों को ताड़ पे रख खुद के साथ-साथ दूसरों कि और अपने अपनों की जान भी खतरे मे डाल रहे हैं।

   लोगों से ये अनुरोध किया जा रहा की पारिवारिक उत्सव,शादी या किसी भी प्रकार के मांगलिक उत्सवों को धूमधाम से ना मनाकर सादगी से अपने अपनों संग मिलकर मनाऐं।शादी जैसे मांगलिक कार्यों मे भी ज्यादा भीड़ इकट्ठी ना करते हुए सादगी से शादी की जाऐ।ताकि देश मे आऐ आर्थिक संकट के कारण बचत की बचत भी की जा सके साथ ही सभी की रक्षा का भार भी आप उठा सकें।आप इस कोरोना के चलते अपने रिश्तेदारों से अनुरोध कर सकते हैं कि इस वैश्विक महामारी के चलते सभी की सुरक्षा को ध्यान मे रखते हुऐ।हम सादगी से अपने बच्चों को परिणय सूत्र मे बांध रहे हैं आप सभी अपने घरों मे ही सुरक्षित रहते हुए वर और वधु पक्ष को आशिर्वाद दें।इस तरह आप अपनी बचत के साथ-साथ सभी की सुरक्षा का भी ध्यान रख सकते हैं।

    कोरोना महामारी के भयावहता के चलते हम सभी को मिल के ही इस महामारी को समाप्त करने के लिये अपनी ओर से हर तरह का वो संभव प्रयास करना चाहिये ताकि हम अपनी सुरक्षा के साथ-साथ अपनों की और अपने आस पास के लोगों की रक्षा करने मे भी सहयोग दे सकें।कोरोना के चलते प्रशासन द्वारा लागू किये गये नियमों को अपनाते हुए।अपने बेहतरीन व्यक्तित्व का परिचय दें।

वीना आडवानी"तन्वी"

नागपुर, महाराष्ट्र