" कहर कोरोना का जारी"

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

 संकट छाया धरा पर देखो, कहर कोरोना का जारी| 

क्षण क्षण पड़ता चला जा रहा, मानव जीवन पर भारी| 

तांडव मचा रहा है विश्व में, कैसी आई महामारी|

 पहले कभी नहीं देखी थी, कोरोना जैसी बीमारी|

 छीन रहा जीवन का सुख यह, निगल रहा खुशियां सारी|

 लाया है किस मोड़ पर सबको, बनके देखो लाचारी| 

करो विधाता दया सभी पर, कर दो जीवन सुख कारी|

 मुक्त करो इस  जग को भगवन, दूर करो यह महामारी| 


स्वरचित अप्रकाशित एवं मौलिक रचना

 लेखिका/ रचनाकार: रीता तिवारी "रीत"

 मऊ, उत्तर प्रदेश