लौट आए दिन पुराने

 

खौफ का मंजर दिखाने

लौट आए दिन पुराने

फिर कहर ये जारी कर गई 

लापरवाही भारी पड़ गई 

बंदी से बेकारी बढ़ने

फिर लगी बीमारी बढ़ने

होगा अब क्या जाने

लौट आए दिन पुराने

फिर वही सब सहना होगा

फिर घरों में रहना होगा

आवाजाही बंद होगी

और कमाई मंद होगी

मारेगा फिर भाग्य ताने

लौट आए दिन पुराने

अब संभलना होगा हमको

डटके चलना होगा हमको

बस बचाव की कला से

लड़ना हमको इस बला से

आओ इतना मन में ठानें

लौट आए दिन पुराने

विक्रम कुमार

मनोरा, वैशाली