॥ मतदान ॥

भारत की मतदान हो रही बदनाम

चल रही है बम बारूद व शब्दों की बाण

मर्यादा हो रही है अब जग में तार तार

भारतीय राजनीति हुई है शर्मसार


आरोप प्रत्यारोप की खुली जंग लड़ाई

अप शब्दों से होती है जग हँसाई

पक्ष विपक्ष भारत के हैं बहुत ही महान

ये हैं भारत की स्वच्छ मतदान


झूठे आरोप की बह रही है गंगा

रोज रोज हो रही है चुनाव में अब पंगा

अच्छे नहीं है वक्ता के सोच और विचार

भारतीय चुनाव की हो गई है बंटाधार


स्वच्छ छवि की नहीं दीखता है कोई चेहरा

डॉन माफिया का है हर दल में आज पहरा

मार काट की चल पड़ी है आज नया सहचार

शराब पैसे की खुल गई है राजनेता की व्यापार


मतदाता बूथ में जाने से अब क्यूं है वो डरता

गुण्डा मवाली असलेह के बल पर गली में है अकड़ता

खून खराबा की डर दिल में है अपार

चुनाव में किस्मत आजमा रहे हैं जो हैं रसूखदार


अपराधी चेहरा चुनाव में जीत की है गारंटी

जेल से छुटे अपराधी की कट रही है चाँदी

इनके बगैर चुनाव लड़ना आज है दुश्वार

राजनीति में नेता गण है इनके पालनहार


जनता ने जो देखा था आजादी का सपना

राम राज्य की किया था उन्होंने एक कल्पना

प्रजातंत्र की टुट चुकी है जो था कभी आधार

जय हो प्रजातंत्र भारत की तेरी जय जयकार


उदय किशोर साह

मो० पो० जयपुर जिला बाँका बिहार

9546115088