पुरवैया रजिस्टर्ड सम्मान समारोह सम्पन्न

  नई दिल्ली ।  ' पुरवैया ' रजिस्टर्ड मंच साहित्य, कला, संस्कृति, समाज सेवा और शिक्षा के प्रति एक प्रतिबद्ध संस्था है।जो कि प्रत्येक वर्ष प्रगतिशील और अतुलनीय योगदान के लिए रचनाकारों, समाजसेवियों, कलाकारों और शिक्षाविदों को सम्मानित भी करता है। इस वर्ष पालम, नई दिल्ली में भोजपुरी कथा साहित्य में प्रगतिशील लेखन के लिए प्रख्यात कथाकार कृष्ण कुमार को 'पुरवैया कथा सम्मान ' और समाज सुधार सह शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए दलित लेखक संघ की अध्यक्षा,लेखिका और समाजसुधारक अनीता भारती को ' पुरवैया सावित्री बाई फुले सम्मान ' से यशस्वी कवि, गीतकार डा. गोरख प्रसाद ' मस्ताना ' के हाथों सम्मानित किया गया। 

             इस अवसर पर कथाकार कृष्ण कुमार ने अपनी चर्चित भोजपुरी कहानी 'नयना के बाबूजी 'और कविता ' अल्ट्रासोनोग्राफी ' का पाठ भी किये। रूढ़ीवादिता को तोड़ती ' नयना के बाबूजी 'स्त्री सशक्तिकरण को मजबूत करने वाली कहानी को सुनकर श्रोता भावुक हो गयें।वहीं इनकी कविता ने समाज से प्रश्न किया कि बेटियों को बचाने के लिए अल्ट्रासोनोग्राफी को हटाया जाएगा या नहीं ? दूसरी तरफ प्रख्यात कवि डा.गोरख प्रसाद ' मस्ताना ' ने मानव मूल्यों से लबरेज प्रगतिशील कविता ' हो गुलाब तू 'का पाठ किये, जो मरी हड्डियों में भी जान फूँकने वाली कविता थी। चर्चित कवि और ' भोजपुरी जन जागरण अभियान ' के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष पटेल की कविता पाठ सामाजिक समरसता के लिए लालायित रहा। उक्त अवसर पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया केंद्रीय विश्वविद्यालय, दिल्ली के हिंदी अधिकारी डा. राजेश कुमार मांझी ने भी काव्य पाठ किये। कवि राज नारायण राम ने अपनी कविताओं से श्रोताओं में एक नवीन चेतना विकसित कियें।दलित चिंतक अनीता भारती ने अपने वक्तव्य में प्रखर साहित्य सृजन को समाज के लिए हितकर बतायीं।उन्होंने कहा कि साहित्य और संस्कृति ही हमारी धरोहर हैं, लेकिन उसमें सहजता, समरसता और समानता जब आ जाती है तो एक लोककल्याणकारी और स्वस्थ समाज का आविर्भाव होता है।वहीं उभरते आलोचक डा. पुष्कर ने कहा कि--' यहाँ उपस्थित सभी रचनाकार सामाजिक बदलाव के मुखरता वाले रचनाकार हैं।उन्होंने कहा कि अब विरह में रोने और दरबारी गान का समय नहीं है, रचनाओं में जागृति और जीवन को तड़पाने वाली शक्ति लाने के लिए सृजन होनी चाहिए, क्योंकि किसी रचनाकार की रचना से एक व्यक्ति भी संवेदनशील होता है तो वहीं रचना और रचनाकार सर्वोत्तम है।' पुरवैया ' को साहित्य और समाज की सामाजिकता के लिए एक बेहतर मंच बताये।साथ ही माई भाषा भोजपुरी के लिए लिखित अपनी एक गीत भी गायें। '

                         इसी कार्यक्रम में ' नेशन लाइव ' टी. वी. द्वारा कथाकार कृष्ण कुमार और लेखिका अनीता भारती को ' जन गौरव सम्मान ' व गेस्ट आफ आनर से भी सम्मानित किया गया। 

                          इस सम्मान समारोह का संचालन समाजिक बदलाव के कवि संतोष पटेल और धन्यवाद ज्ञापन ' पुरवैया ' दिल्ली की सेक्रेटरी एवं कथक की मशहूर नृत्यांगना सुमिता राँय ने किया।इनके अलावा कार्यक्रम में मुख्य रूप से समाजसेवी मनोज कुमार सिंह, 'पुरवैया 'दिल्ली के सेक्रेटरी अजीत सिंह कुशवाहा, 'पुरवैया ' सेंट्रल, दिल्ली की पदाधिकारी रंजू पटेल,नेशन लाइव टी. वी. से रोशन कुमार, शिक्षा निदेशालय, दिल्ली में पुस्तकालयाध्यक्ष अमित कादयान, भोजपुरी जन जागरण अभियान, दिल्ली की सचिव ऋषिका राज, क्षितिज सौरभ, हर्ष आर्यन, ओम कुमार, संदीप कुमार, पार्थ आदि उपस्थित रहें। अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच 'पुरवैया 'के राष्ट्रीय जनरल सेक्रेटरी डा. मनोज कुमार, राष्ट्रीय समन्वयक डा. उज्जवल आलोक ,नेशन लाइव टी. वी. के एडीटर -इन-चीफ धनंजय कुमार सिंह सहित देश -विदेश से अनेक बुद्धिजीवी, रचनाकार और श्रोता भी आनलाइन माध्यम से इस सम्मान समारोह से लगातार जुड़े रहें। इस रिपोर्ट तैयार की है भोजपुरी जन जागरण अभियान, दिल्ली के सचिव ऋषिका राज ने।