कोविड वैक्सीन की कमी की शिकायत पर नवीन पटनायक ने प्रधानमंत्री मोदी को दिए ये सुझाव

नई दिल्ली: ऐसे में जब देश में कोरोना की दूसरी लहर का भयंकर प्रकोप चल रहा है और कई राज्यों ने कोविड वैक्सीन की कमी की शिकायत की है, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखकर वैक्सीनेशन पर चार सुझाव दिए हैं. इसमें उन्होंने खासतौर पर कहा है कि सरकार को वैक्सीन को अपने सप्लाई चेन के बाहर भी उपलब्ध कराना चाहिए, ताकि आम लोग इसका फायदा ले सकें. उन्होंने ओडिशा के लिए 25 लाख डोज की मांग भी की है. 

पटनायक ने कहा कि उनका मानना है कि इस अप्रत्याशित संकट का सामना केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर करना है, इसलिए वैक्सीनेशन प्रक्रिया को और सुगम और तेज करने के लिए वो कुछ सुझाव देना चाहते हैं.

पटनायक ने सुझाया कि केंद्र को कोविड-19 की वैक्सीन को सरकार के सप्लाई चेन से निकालकर ओपन मार्केट में उपल्ब्ध कराना चाहिए ताकि आम लोगों की इसतक पहुंच हो और वो अपना डोज़ खुद खरीद सकें. इससे सरकार पर सप्लाई का बोझ कम होगा और वो ज्यादा जरूरत वाली जगहों पर फोकस कर पाएगी.

ओडिशा के सीएम ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर वैक्सीन प्रोडक्शन के यूनिट बढ़ाने चाहिए ताकि भारत की वैक्सीन निर्माण की क्षमता का पूरा उपयोग किया जा सके. उन्होंने कहा कि देश के बाहर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिन वैक्सीन्स को भरोसेमंद एजेंसियों से मंजूरी मिल चुकी है, भारत सरकार उन्हें भारत में मंजूरी दे, ताकि यहां पर वैक्सीन आपूर्ति बढ़ाई जा सके.

यहां बता दें कि भारत में कोवैक्सीन और कोविशील्ड स्वदेशी वैक्सीन हैं और जनवरी से इनका ही प्रयोग हो रहा है. लेकिन इस हफ्ते रूस की कोविड वैक्सीन Sputnik V को भी भारत के ड्रग्स नियामक की ओर से मंजूरी मिल गई है. रूस ने बताया है कि इसका प्रोडक्शन भारत में शुरू होने में थोड़ा वक्त लगेगा, लेकिन उसके पहले इसे भारत में उपलब्ध कराने के लिए अप्रैल के अंत में पहला बैच डिलीवर किया जाएगा.

मुख्यमंत्री पटनायक ने अपनी चिट्ठी में कहा है कि मेट्रो शहरों में जहां, कोविड के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं, उन्हें वैक्सीनेशन में प्राथमिकता दें. यहां वैक्सीनेशन को बहुत तेजी से बढ़ाना चाहिए और वैक्सीनेशन के लिए तय की गई उम्र की सीमा को भी लचीला बनाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि ये शहर देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत अहम हैं, ऐसे में यहां लॉकडाउन लगाने से 'लेबर मूवमेंट' के लिहाज से पूरे देश पर असर पड़ेगा.