तारक मेहता की बबीता जी ने जब मीटू पर बयां किया था दर्द, बताई थी अपनी कहानी-‘मेरे साथ भी हो चुका है ऐसा..

तारक मेहता का उल्टा चश्मा में बबीता जी यानी मुनमुन दत्ता अपनी सुंदरता से लोगों को दीवाना बना देती हैं।  वह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और अपने फैंस के साथ खुलकर बात करती हैं। इसी बीच मुनमुन दत्ता ने अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर खुद की जिंदगी से जुड़ी बेहद ही इमोशनल बात शेयर की है। मुनमुन ने बताया था कि उनके जीवन में ऐसी घटनाएं भी घटीं जब उनका शोषण किया गया हो। उस वक्त मुनमुन अपने लिए आवाज नहीं उठा पाई थीं। मुनमुन ने अपना दर्द अपने लंबे पोस्ट के जरिए फैंस के साथ शेयर किया है । एक्ट्रेस ने बताया था- मीटू हां मीटू, मेरे साथ भी हुआ। मैं हैरान हूं कि कुछ ‘अच्छे’ मर्द ऐसी महिलाओं की संख्या से काफी हैरान हैं जिनके साथ ऐसा गलत काम हुआ, या जिन्हें हरास किया गया’। साथ ही उन्होंने अपने फैंस से अपील की कि अगर कभी आपके साथ ऐसा हो तो आप हिम्मत मत हारो और उसका डटकर मुकाबला करोष्। उन्होंने आगे कहा कि ऐसा आपकी मां, बहन यहां तक कि घर की नौकरानी के साथ भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में उनका साथ दीजिए और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने में मदद कीजिए। उन्होंने आगे कहा था- ‘इस तरह की चीजें लिखकर मेरी आंखें भर आई हैं। उन यादों को लिखना बहुत कठिन है। उनका खुलासा करना कठिन है कि वो छोटी सी बच्ची, जो कि अपने पड़ोस में रहने वाले अंकल से डरती थी। उसकी वो आंखें जो मौके ढूंढती थी कि वह मुझे पकड़ ले। वह मुझे धमकाता था कि मैं इस बारे में किसी को भी न बताऊं।’मुनमुन ने अपने साथ घटी घटनाओं का जिक्र कर कहा- ‘फिर वो जो मेरे चचेरे बड़े भाई जो मुझे अपनी बेटियों की तुलना में अलग तरह से देखते थे। या वह आदमी जिसने मुझे पैदा होने पर अस्पताल में देखा था और जब मैं 13 साल की हुई तो उसने मुझे छूना गलत नहीं समझा। क्योंकि मैं एक उस वक्त एक विकसित होती किशोरी थी और मेरा शरीर बदल रहा था।’

मुनमुन ने बताया- ‘या फिर वो जो मेरा ट्यूशन टीचर था उसने मेरे साथ गलत हरकत की थी। या फिर वो दूसरा टीचर जिसको मैंने राखी तक बांधी थी। वह दूसरी लड़कियों को उनके कपड़ों से खींचता था और छाती पर मारता था।’ बबीता जी ने आगे लिखा था कि आप नहीं जानते कि आप इसे अपने माता-पिता को कैसे बता पाएंगे। इसलिए आप किसी से एक शब्द भी बोलने से कतराते हैं। इसलिए पुरुषों के प्रति आपको गुस्सा आने लगता है, क्योंकि आपकी नजरों में वह अपराधी होते हैं, जिन्होंने आपको इस तरह महसूस कराया है। उन्होंने लिखा कि इस घृणित भावना को मुझे दूर करने के लिए सालों लगे। इस आंदोलन में शामिल होने वाली एक और आवाज बनने के लिए खुश हूं और लोगों को एहसास दिलाता हूं कि मुझे भी नहीं बख्शा गया था। उन्होंने कहा था कि आज मुझमें इतना साहस आ गया है कि मैं किसी भी आदमी को चीर दूंगी जो दूर से भी मुझ पर कुछ भी करने की कोशिश करेगा।  मुझे खुद पर आज गर्व है।