कोविड वैक्सीन आपूर्ति को लेकर बोले AIIMS चीफ रणदीप गुलेरिया

नई दिल्ली: कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच वैक्सीन की कमी का मामला भी सामने आ रहा है. पिछले दिनों सीरम इंस्टीट्यूट के प्रमुख अदार पूनावाला ने एक चर्चा के दौरान यह माना था कि उसे वैक्सीन उत्पादन में तेजी लाने के लिए तीन हजार करोड़ रुपये की जरुरत होगी. उनके इस बयान पर एम्स प्रमुख रणदीप गुलेरिया ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट को उत्पादन बढ़ाने के लिए करीब 6 महीने पहले ध्यान देना चाहिए था. उन्होंने कहा कि इस स्थिति को समझने के लिए किसी रॉकेट साइंस की जरूरत नहीं थी कि आने वाले समय में ऐसी स्थिति पैदा होगी. डॉ गुलेरिया के अनुसार हर मैन्युफैक्चर्स को डिमांड और अपनी विनिर्माण क्षमता के बारे में पता होता है. लिहाजा वो पहले से तैयारी कर सकते थे. 

अदार पूनावाला की फंड की जरूरत पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैं उन्हें फाइेनेंस संबंधित सलाह तो नहीं दे सकता लेकिन यह जरूर जानता हूं कि उनके पास उत्पादन बढ़ाने के लिए पर्याप्त संख्या में इनवेस्टर्स होंगे. क्योंकि सिर्फ भारत नहीं बल्कि पूरा विश्व इस वैक्सीन की मांग कर रहा है. उन्होंने कहा कि हमारे पास 50 ऐसे लोग हैं जो क्लीनिकल ट्राय़ल के दौर से गुजर रहे हैं क्योंकि लोग इसे सिर्फ मानवता के नजरिए से लिए बल्कि बाजार के दृष्टिकोण से भी देखते हैं. 

बताते चलें कि पिछले कुछ दिनों से देश में वैक्सीन की कमी चर्चाओं में बनी हुई है. खासकर महाराष्ट्र ने इस कमी को लेकर केंद्र पर जोरदार प्रहार किया है. शुक्रवार को मुंबई में कई वैक्सीनेशन सेंटर्स को इसकी कमी के चलते बंद करना पड़ा था. अदार पूनावाला के अनुसार सीरम इंस्टीट्यूट वर्तमान में कोविशील्ड की रोजाना 2 लाख डोज और हर महीने 60 से 65 लाख डोज पैदा कर रहा है. उन्होंने कहा हमें हर महीने 100 से 110 मिलियन डोज का उत्पादन करना होगा लेकिन इसके लिए निवेश की जरूरत होगी. अदारपूनावाला के अनुसार, उन्होंने इसके लिए केंद्र को भी लिखा है. वहीं नीति आयोग के सदस्य और नेशनल कोविड वैक्सीनेशन पैनल के सदस्य डॉ वीके पॉल के अनुसार SII की तरफ से पिछले दिनों एक प्रस्ताव मिला है. हम जल्द ही इस पर कोई फैसलाा लेंगे.