मनीष सिसोदिया ने ली कोविड वैक्सीन, कहा- जो 45 साल से ऊपर के लोग हैं वह सभी जल्द से जल्द वैक्सीन लगवा लें

दिल्ली: दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी शनिवार को कोविड-19 के खिलाफ वैक्सीन लगवा ली. वो अपनी पत्नी सीमा सिसोदिया के साथ मौलाना आजद मेडिकल कॉलेज के वैक्सीनेशन सेंटर पर वैक्सीन लगवाने पहुंचे थे. उन्होंने वैक्सीन लगवाने के बाद देश के वैज्ञानिकों को कठिन समय के बीच में वैक्सीन तैयार करने और उपलब्ध कराने के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने यह भी कहा कि अगर वैक्सीन के ऊपर लगे प्रतिबंध हट जाते तो पूरी दिल्ली के वैक्सीन लगाना शुरू किया जा सकता है.

सिसोदिया ने कहा, 'मैंने परिवार के साथ आकर कोविड का टीका लगवाया है. मुझे खुशी है कि हमारे देश के वैज्ञानिकों ने कठिन समय के बीच इस वैक्सीन को बनाया और हम लोगों के लिए उपलब्ध कराया तमाम देशवासियों की तरफ से उन्हें धन्यवाद करता हूं. मैंने और मेरे परिवार ने आज कोवैक्सीन का टीका लगवाया है.'

उन्होंने लोगों से वैक्सीनेशन की अपील की और कहा कि 'मैं दिल्ली के तमाम लोगों से अपील करना चाहता हूं कि जो भी 45 साल से ऊपर के लोग हैं वह सभी जल्द से जल्द वैक्सीन लगवा लें और साथ ही भारत सरकार से विनती करता हूं कि प्रतिबंध हटाकर पूरी सप्लाई करें. वैक्सीन की सप्लाई में कटौती ना रखें, जिससे पूरी दिल्ली को एक साथ वैक्सीन लगाई जा सके और संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके. जब तक चेन तोड़ने की स्पीड से वैक्सीन नहीं लगेगी तब तक कोविड का खतरा बना रहेगा.'

उन्होंने कहा कि 'हमारी पूरी तैयारी है और हम पूरी दिल्ली को वैक्सीन लगाने के लिए तैयार हैं. अभी तमाम प्रतिबंध हैं, जैसे पहले 60 साल के ऊपर वालों को लगी, अभी 45 साल से ऊपर वालों को लग रही है तो जब यह प्रतिबंध हटाकर पूरी दिल्ली को वैक्सीन लगाएंगे तभी यह चेन टूटेगी. अभी वैक्सीन की भरपूर सप्लाई है. प्रोटोकॉल के जो प्रतिबंध हैं, अगर वह हटा लिए जाएं तो सबको वैक्सीन लगाई जा सकती है.'

अगर दिल्ली में कोविड के मामलों की बात करें तो यहां पर शुक्रवार को 24 घंटे में कोरोना के 3594 केस दर्ज हुए थे. ये करीब 4 माह में सबसे ज्यादा मामलों का रिकॉर्ड है. दिल्ली में 2 अप्रैल, 2021 को 4 दिसंबर, 2021 के बाद कोरोना के सबसे ज्यादा नए मामले दर्ज किए गए हैं.

लॉकडाउन की आशंकाओं के बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अभी लॉकडाउन पर विचार नहीं किया जा रहा है लेकिन अगर जरूरत पड़ती है तो दिल्लीवासियों से इसपर सलाह लेकर फैसला किया जाएगा.