कोरोना महामारी की नई लहर का असर शुरू - आधार पैन लिंक अंतिम तारीख 30 जून 2021 तक बढ़ाई - अनेक स्मॉल सेविंग स्कीम पर ब्याज दरें घटाई

आम जनता को अब कोरोना महामारी की गंभीरता को समझ, तुरंत लापरवाही रोकनी होगी - एड किशन भावनानी

गोंदिया - वैश्विक स्तर पर कोरोना महामारी ने फिर जोरदार तरीके और नए सिम्टम्स के जरिए बहुत तेजी से संक्रमित करना शुरू कर दिया है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अनुसार ब्राजील में 31 मार्च 2021 को 24 घंटे में 3840 कोरोना संक्रमित मरीजों की मृत्य हुई और स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। वैसी ही स्थिति कुछ अन्य देशों में भी हो गई है जो भारत से कहीं अधिक विकसित देश हैं... बात अगर हम भारत की करें तो पिछले 1 माह से यहां भी स्थिति विकराल होते जा रही है और अब कई राज्यों तक महामारी ने अपने पैर पसारना शुरू कर दिया है। सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र पंजाब व मध्य प्रदेश इत्यादि राज्यों से आ रहे हैं और वहां की सरकारों भी काफी सतर्क हो गई है और बहुत कड़े कदम उठाने पर मजबूर हो गई है। हमने होली पर देखें कि किस तरह नागरिकों ने होली में नियमों, दिशानिर्देशों, कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए होली मनाई, जो कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्राउंड रिपोर्ट से सीधा दिखाया गया जो दुख की बात है। अब क्योंकि महामारी अति तीव्र गति से फैल रही है तो स्वाभाविक रूप से अर्थव्यवस्था पर इसका असर पड़ना, आर्थिक संसाधनों, अंतिम तिथियों पर भी सरकार को छूट देना लाजमी हो गया है, क्योंकि कई स्थानों पर लॉकडाउन की स्थिति आन पड़ी है और लोगों की आर्थिक मामलों से जुड़े काम बाधित हो रहे हैं और 31 मार्च 2021 को अंतिम दिन होने से काफी लोड होने से साइट नहीं खुलने पर भी काफी लोड पड़ा जिसके कारण इसको ध्यान में रखते हुए भी सरकार ने इसकी घोषणा बुधवार दिनांक 31 मार्च 2021 को शाम को की गई। सबसे बड़ी राहत आधार-पैन लिंक करने की आखिरी तारीख अब 30 जून 2021 तक बढ़ाई गई। इस संशोधन के साथ एक नया खंड 234 एच जोड़ा गया है जिसमें कहा गया है कि 234 एच,इस अधिनियम के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, जहां एक व्यक्ति को धारा 139 एए की उपधारा (2) के अधीन अपने आधार संख्या की सूचना देने के लिए अपेक्षित है और ऐसा व्यक्ति उस तारीख को या उससे पहले ऐसा करने में विफल रहता है, उस पर कथित तारीख के बाद उपधारा (2) के तहत उप धारा (2) के तहत सूचित करते समय वह एक हजार रुपये से अधिक शुल्क का दायी होगा इसके अलावा आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 148 के तहत नोटिस जारी करने की तारीख को विवाद समाधान पैनल (डीआरपी) और समकारी लेवी विवरण प्रसंस्करण द्वारा जारी निदेश आदेश की प्रक्रिया के पारित किए जाने की तिथि 30 अप्रैल 2020 तक बढ़ा दी गई है। यह ध्यान देने की बात है कि वित्त विधेयक 2021 में, जिसे लोक सभा ने हाल में पारित किया था, सरकार ने एक संशोधन पेश किया है जिसके तहत आधार के साथ पैन न जोड़ने की स्थिति में व्यक्ति को 1,000 रु. तक का विलम्ब शुल्क देना होगा। दूसरी ओर केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामले बजट डिवीजन द्वारा एक 31 मार्च 2021 को जानकारी जारी कर 1 अप्रैल 2021 से 30 जून 2021 तक 1 से 5 वर्ष तक की सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम्स, मंथली सेविंग स्कीम नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पीपीएफ किसान विकास पत्र सुकन्या समृद्धि अकाउंट स्कीम पर त्रिमासिक,मासिक और वार्षिक अवधि के लिए ब्याज की दरों में कमी की है और वेतन का बेसिक पुराना ही रहेगा याने अप्रैल 2021 वाला नहीं रहेगा।सरकार ने स्मॉल सेविंग स्कीम की ब्याज दर में बड़ी कटौती की इसमें पब्लिक प्रोविडेंट फंड पीपीएफ, नेशनल सेविंग स्कीम्स और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी पॉपुलर स्कीम भी शामिल है नई ब्याज दरें एक अप्रैल 2021 से लागू होगी सेविंग डिपॉजिट पर ब्याज दर सालाना 4 परसेंट से घटाकर 3.5 प्रतिशत कर दी गई पीपीएफ की ब्याज दर 7.1 प्रतिशत से घटाकर 6.4प्रतिशत कर दी गई इसी तरह 1 साल के डिपॉजिट की ब्याज दर को 5.5 प्रतिशत से कम कर 4.4 प्रतिशत किया गया है सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम पर अब 7.4 प्रतिशत से के बजाय 6.5 प्रतिशत नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर ब्याज दर 6.8 प्रतिशत से 5.9 प्रतिशत सुकन्या स्कीम योजना में 7.6 प्रतिशत से 6.9 प्रतिशत और किसान विकास पत्र पर ब्याज दर 6.9 प्रतिशत से 6.2 प्रतिशतकम कर शिकायत की गई है हालांकि यह ब्याज दर घटाने के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं दिया गया है।

संकलनकर्ता-कर विशेषज्ञ एड किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र