डॉ0 भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती: रामगोविन्द चौधरी ने दीपक जलाया मोमबत्तियों के प्रकाश से घर जगमगाया

लखनऊ : भारतीय संविधान के शिल्पकार भारत रत्न बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती पर आज समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता उत्तर प्रदेश विधान सभा मे प्रतिपक्ष के नेता पूर्वांचल के गाँधी रामगोविन्द चौधरी ने अपने आवास पर बाबा साहेब की तस्वीर रख दीपक जलाया मोमबत्तियों के प्रकाश से घर जगमगाया। नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी ने डॉ0 अम्बेडकर सहित डॉ0 राममनोहर लोहिया,जयप्रकाश नारायण,पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी को याद कर पुष्पांजलि अर्पित की। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. अखिलेश यादव के निर्देश पर डॉ0 अम्बेडकर जी की 130वीं जयंती पर ‘संविधान रक्षा‘ दिवस मनाया गया।

     रामगोविन्द चौधरी ने कहा कि वर्तमान भाजपा का सत्ताकाल कालिमामय है। फित्तरती चालो के कारण सत्ता का चेहरा बदरंग होता जा रहा है जनहित को गौड़ कर भावनाओ को कुरेदा जा रहा है।लोकतंत्र और संविधान दोनों को कमजोर किया जा रहा है। बाबा साहेब ने देश में एकमत एक व्यक्ति का प्राविधान कर संविधान में अमीर-गरीब, महिला-पुरूष सबको एक समान अधिकार दिए। उन्होंने पिछड़ों, अनुसूचित जातियों-जनजातियों को आरक्षण का लाभ दिया। भाजपा संविधान में वर्णित उद्देशिका की उपेक्षा कर रही है। वह समाज को बांटने और नफरत फैलाने का काम कर रही है। देश और प्रदेश की जनता रोजमर्रा की समस्याओं से कराह रही है और सत्ता अपने शातिर चलो से उन्हें भटका रही है।

    श्री चौधरी ने कहा कि एक समय ऐसा भी आया जब डॉ0 लोहिया और डॉ0 अम्बेडकर के बीच एक साथ मिलकर राजनीति करने का प्रसंग बना था। उससे दलित राजनीति का मुख्यधारा और समाजवादी विधारधारा से जुड़ने का मार्ग प्रशस्त होता और एक बड़ी ताकत बनती परन्तु असमय बाबा साहेब के निधन से वह एकता नहीं हो सकी। देश के लिए प्रगति का द्वार खोलने का सिर्फ और सिर्फ यही रास्ता है, और उस रास्ते को दिखाने वाले बाबा साहेब को आज हम बारम्बार प्रणाम करते हैं। साथ ही यह प्रतिज्ञा लेते है कि बाबा साहब के बनाये संबिधान की रक्षा,लोकतंत्र की रक्षा, अभिव्यक्ति के आज़ादी की रक्षा आजीवन करते रहेंगे।और संबिधान एवं संबैधानिक ढांचे से छेड़ छाड़ करने वाली ताकतों को हमेशा मुहतोड़ जबाब देता रहूँगा।

     इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता सुशील पाण्डेय"कान्हजी"राजेन्द्र चौधरी,रामप्रताप सिंह यादव,अंचल यादव,राजकुमार राजू,सुनील कुमार,  सुशील पाण्डेय"कान्हजी"।