मऊ में कालेज प्रशासन की इस रवैया के कारण अध्यापकों व कर्मचारियों की होली रहेंगी बेरंग

मऊ जनपद में विगत दस दिनों से शिक्षको व कर्मचारियों का इस बार होली का रंग  बेरंग व मिठास की बगैर रहने वाली हैं । जी हाँ मैं बात कर रहा हूँ  मऊ जनपद के बहुचर्चित कालेज  डी.सी.एस.के. पीजी कालेज की जहाँ के स्ववित्तपोषित अध्यापकों व कर्मरचरियो को समझ मे नही आ रहा हैं कि इतने कम सेलरी में वे त्योहार मनाए तो मनाए कैसे क्योंकि महंगाई सातवे आसमान पर हैं पर वेतन ज्यो का त्यों हैं। विदित हो कि महाविद्यालय के अनुमोदित स्ववित्तपोषित (संविदा) शिक्षकों व कर्मचारियों का धरना आज दसवें दिन भी अनवरत जारी रहा ।  महाविद्यालय के अनुमोदित स्ववित्तपोषित शिक्षक अपने वेतन वृद्धि एवं भविष्य-निधि (सी.पी.एफ.) कटौती को लेकर महाविद्यालय परिसर में विगत 16 मार्च, 2021 से ही आंदोलनरत हैं। धरने के प्रथम दिन से आज तक महाविद्यालय प्रबंध समिति के मंत्री ने धरनारत शिक्षकों की कोई सुधि नहीं लिए और न तो शिक्षकों के साथ कोई सार्थक वार्ता ही किये ,जिससे समस्त संविदा शिक्षकआक्रोश में हैं । सबसे बड़ा सवाल यह है कि  जिस महाविद्यालय में शिक्षक बच्चों के भविष्य को संवारता है जब वही अपने भविष्य को लेकर चिंतित व मायूस हो तो कैसे एक सभ्य समाज की संकल्पना की जा सकती है सबसे बड़ा सवाल यह है कि विगत 10 दिनों में कालेज प्रशासन का एक  भी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी इन से वार्ता करने को नहीं आया इससे बड़ा और दुर्भाग्य क्या हो सकता है। जबकि  महाविद्यालय की आर्थिक स्थिति इतनी सुदृढ़ है कि समस्त  प्राध्यापकों व कर्मरचरियो को महाविद्यालय प्रशासन (मंत्री, प्रबंध समिति एवं प्राचार्य) द्वारा गठित वेतन-समिति की सिफारिशों के अनुरूप सम्मानित वेतन दिया जा सकता है। मगर यहाँ यह नीति चलती हैं कि कितने कम पैसे पर सेवा लिया जाए । जिससे छुब्ध  शिक्षकों ने माननीय कुलपति, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर , कुलसचिव, पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, वाराणसी मंडल वाराणसी,  शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष, डॉ.विजय तिवारी, अनुदानित महाविद्यालय स्ववित्तपोषित (संविदा) शिक्षक संघ, डॉ. अनुराग मिश्रा, विश्वविद्यालय अध्यक्ष, अनुदानित महाविद्यालय स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ, पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर, तथा स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष, डॉ. विवेक पांडेय को भी विगत दिनों पत्र के माध्यम से सूचित कर दिया है। आज के धरने को अपने वर्चुअल संबोधन में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विजय तिवारी ने मंत्री प्रबंध-समिति को चेताया कि यदि धरनारत शिक्षकों की मांगे यथावत नहीं मानी जाती हैं तो अनुमोदित स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ आर-पार की लड़ाई शुरू करेगा। प्रदेश अध्यक्ष ने मंत्री, प्रबंध-समिति को 31 मार्च 2021 तक का समय दिया है कि इस अवधि में शिक्षकों को वेतन-समिति की सिफारिशों के अनुसार वृद्धि सहित वेतन एवं एरियर का भुगतान अवश्य कर दें, अन्यथा 1अप्रैल,2021 से हम संगठन के लोग धरने में शामिल होकर आर-पार की लड़ाई शुरू कर देंगे। धरने में प्रमुख रूप से डॉ. एस.पी. सिंह दीक्षित, डॉ. पी.के.पाण्डेय, डॉ.जफर अहमद, डॉ.रफीक अहमद, डॉ.दिनेश श्रीवास्तव,डॉ.घनश्याम दुबे, डॉ.बृजेंद्र सिंह,डॉ. प्रशांत पाण्डेय, श्री मनोज उपाध्याय,  अशोक मिश्रा, राम विलास,अभिषेक पाण्डेय , श्याम सुंदर व अन्य लोग उपस्थित रहे ।