॥ कुछ काम करो ॥

कुछ काम करो कुछ काम करो
जीवन में वक्त का सम्मान करो
जब वक्त हाथ से निकल जाता है
लौटकर वापस कभी ना आता है

कुछ काम करो कुछ काम करो
मानवता का जीवन में सम्मान करो
ये आत्मीयता का दर्शन कराता है
जग में अपनापन उपजाता है

कुछ काम करो कुछ काम करो
जग में रहकर इन्सान बनो
नाम रोशन जग में हो जाता है
हर पल इज्जत का तिलक लगाता है

कुछ काम करो कुछ काम करो
नाहक किसी को मत परेशान करो
गरीबों की बद्दुदुआ रूला जाता है
जीवन भर दुःख में तड़पाता है

कुछ काम करो कुछ काम करो
प्रेम की गुलशन को आबाद करो
ये खुशियों की खुशबू से महकाता है
सब को गले लगाना सिखलाता है

कुछ काम करो कुछ काम करो
जन्मदाता को चरणों में प्रणाम करो
ये ही जग में हमें अवतरण कराता है
अपना सब कुछ न्यौछावर कर जाता है

कुछ काम करो कुछ काम करो
दोस्ती की माला दोस्त के नाम करो
हर पल काम ये आता है
संकट में भी संग साथ निभाता है

कुछ काम करो कुछ काम करो
बेबस व लाचार का मान करो
गरीबों की दुआ फल दाता है
जीवन में जन्नत दिखलाता है

उदय किशोर साह
मो० पो० जयपुर जिला बाँका बिहार
9546115088