प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा

कमलापुर/सीतापुर।  भारतीय मजदूर किसान संगठन अराजनैतिक के जिला अध्यक्ष व राष्ट्रीय  प्रवक्ता धीरज सिंह धीरू ने नए किसान बिल का विरोध करते हुए सिधौली नायब तहसीलदार को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन उन्होंने अपने कार्यालय पर प्रशसन को सौंपा है। 

ज्ञापन में कहा गया है कि कि पूरे देश ने देखा है कि किस तरह से केंद्र सरकार ने संसद में बिना बहस या मतदान के ही तीन कृषि संबंधित विधेयक पारित कराए हैं। कृषि उपज व्यापार व वाणिज्य अधिनियम, किसान सशक्तिकरण और संरक्षण मूल्य आश्वासन का अनुबंध व कृषि सेवा अधिनियम,आवश्यक वस्तु संशोधन अधिनियम 2020 जल्दबाजी में पारित करवाए हैं। जिसमें बताया जा रहा है कि कृषि उपज व्यापार बाद नियम किसानों को मंडी व्यवस्था से मुक्त कर देगा और अब किसान अपना उत्पाद देश में कहीं भी किसी को बेच सकेगा।

 जो बात उसमें नही है वह यह कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी समाप्त हो जाएगी, यह यही है कि देश में कम ही किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त करते हैं और यह भी कि न्यूनतम समर्थन मूल्य असल में किसानों के लिए अधिकतम मूल्य होता है। उससे ज्यादा पर कोई खरीदता नहीं और ज्यादातर किसानों को सरकारी खरीद केंद्र के बाहर ही दलालों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर अपना उत्पाद बेच देना पड़ता है। लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य एक तरह से किसानों के लिए कवच का काम करता है। 

क्योंकि यह बाजार में एक मानक तय करता है लेकिन जब धीरे-धीरे किसान बाजार पर आश्रित हो जाएगा और न्यूनतम समर्थन मूल्य व मंडी की व्यवस्था अप्रासंगिक हो जाएगी। तब किसान पूरी तरह से बाजार के हवाले हो जाएगा। मंडी व्यवस्था इसलिए भी बरकरार रहनी चाहिए ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली व्यवस्था वह राशन की दुकानें भी कायम रहे। 

किसान मूल्य आश्वासन का अनुबंध पत्र की सेवाएं अधिनियम 2020 के तहत बड़ी कंपनियों को खेती के क्षेत्र में प्रवेश मिलेगा। इस अवसर पर पंकज सिंह, मोहम्मद इरफान, चंद्र कुमार सिंह, पवन यादव, शिवचरण यादव, विजय कुमार यादव, गिरजा शंकर पांडे, अनुपम सिंह, मोहम्मद सलीम, श्रवण कुमार, धीरेंद्र,वीर सिंह, अनुज त्रिवेदी, रामकिशोर, मिहिलाल, सुरेंद्र कुमार, गया प्रसाद, विशाल सिंह आदि किसान मौजूद रहे।