"सुबह होने वाली है..."

 मत घबरा ए दिल

 सुबह होने वाली है 

आशा की किरण आते ही,

 मन तिमिर हट जाएगा।।

 बर्फ पिघलते ही

 जल ही जल हो जाएगा ।

नदियां प्रसन्न चित्त 

धरा का मन खिल जाएगा,

 चहु ओर होगी खुशहाली, 

विहग गीत गायेंगे,

 वृक्ष लता और कलियाँ, 

 भंवरों संग गुनगुनाएंगे,

  धरती की गोद में ,

फसलें लहलहायेंगी।

 तितलियां फूलों पर

 मदमस्त मंडराएंगी,

 मेहनत हिम्मत कर्म फल

 एक दिन मिलता है।

जो जीवन संघर्ष करेगा,

 वह विजय अवश्य पाता है ।

नीरज सिंह 

टनकपुर (चम्पावत)