प्रेगनेंसी में जच्चा-बच्चा को नुकसान पहुंचा सकते हैं होली के रंग, यूं रहें सावधान

दो दिन बाद हर तरफ होली पर्व की ही धूम होगी। कोरोना के कारण इस बाद मस्ती, उछल-कूद और हुड़दंग में थोड़ी कमी होगी लेकिन आप अपने परिवार से साथ तो इस पर्व का मजा ले सकते हैं। हालांकि अगर आपके घर में छोटा बच्चा या प्रेग्नेंट महिला है तो उनका खास ख्याल रखने की भी जरूरत होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि होली के कलर्स में कई तरह के केमिकल्स होते हैं, जो उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं।

प्रेगनेंट वुमन के लिए क्यों हानिकारक रंग

एक्सपर्ट के मुताबिक, प्रेगनेंसी में हार्मोनल बदलाव के कारण जोड़ व लिगामेंट ढीले, इम्यूनिटी कमजोर और त्वचा संवेदनशील हो जाती है। ऐसे में रंगों के खतरनाक केमिकल्स ना सिर्फ त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं बल्कि इससे शिशु में जन्मदोष, गर्भपात का खतरा भी रहता है।

नेचुरल रंगों से खेलें होली

अगर आप प्रेगनेंसी में होली खेलना ही चाहती हैं तो फूल, मेंहदी, चंदन, पालक, हल्दी, चुकंदर से बने इंको-फ्रेंडली रंगों का यूज करें। इंडस्ट्रियल रंगों में कई बार इंजन तेल, सिंथेटिक, डाई और ऑक्सिडाइज्ड मेटल की मिलावट होती है, जिससे त्वचा, बाल और नाखून में में जलन व एलर्जी की समस्या हो सकती है।

आईवीएफ ट्रीटमेंट ले रही महिलाएं न बरतें लापरवाही

वहीं, जो महिलाएं आईवीएफ ट्रीटमेंट की प्रक्रिया से गुजर रही हैं वो भी ज्यादा सावधान रहें। ऐसी महिलाओं को इस दौरान भीड़-भाड़, पानी से दूर रहना चाहिए क्योंकि इससे चोट लगना का खतरा रहता है, जिससे ट्रीटमेंट में बाधा आ सकती है। वहीं, ज्यादा गुजिया का सेवन भी ना करें बल्कि संतुलित डाइट लें।

कोरोना का भी बढ़ सकता है खतरा

बुजुर्ग, 45 साल से ज्यादा उम्र के लोग, बच्चे और गर्भवती महिलाएं भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर रहें। दरअसल, यहां होली खेलने से सिर्फ कोरोना ही नहीं बल्कि वायरल इन्फ्लुएंजा का खतरा भी है। वायरल इन्फ्लुएंजा भ्रूण पर बुरा असर डालता है, जिससे बच्चे का विकास पूरी तरह नहीं हो पाता।

बच्चे को दूध पिलाने वाली मांएं भी रहें सतर्क

ब्रेस्ट फीडिंग करवाने वाली महिलाएं भी होली के दौरान केमिकल वाले रंगों से दूर रहें। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर ये रंग आपके दूध के जरिए शिशु के शरीर में पहुंच जाएं, तो नवजात के स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकते हैं।

होली पर भांग से भी बनाएं दूरी

भांग, ठंडई के बिना होली फीकी लगती है लेकिन गर्भवती, ब्रेस्टफीडिंग व आईवीएफ ट्रीटमेंट ले रही महिलाएं इससे दूरी बनाकर रखें। ना सिर्फ भ्रूण पर असर पड़ता है बल्कि आईवीएफ ट्रीटमेंट में भी बाधा आ सकती है। इसके अलावा बहुत ज्यादा ऑयली चीजें खाने से भी परहेज करें।

फुल स्लीव्स के कपड़े पहने

होली पर गर्भवती महिलाएं भी फुल स्लीव्स के कपड़े पहनें और गॉगल्स लगाना ना भूलें। इससे आप केमिकल्स वाले रंगो से खुद को बचा सकती हैं। इसके अलावा पानी वाली होली खेलने से परहेज करें।

इन बातों का भी रखें ध्यान

1. अगर आप प्रेगनेंट हैं तो होली पर डांस करने से बचें। साथ ही ज्यादा इधर-उधर ना घूमें क्योंकि इससे पैर फिसलने का डर रहता है।

2. कोरोना का समय चल रहा है इसलिए कम से कम लोगों के संपर्क में आए।

3. वॉटर कलर के इस्तेमाल से बचें।इससे पैर फिसलने का भी खतरा रहता है।

4. होली खेलने से पहले मॉइश्चराइजर, सनस्क्रीन लोशन, बालों में तेल और होंठों पर लिप बाम लगाना ना भूलें।

5. बेशक आप किसी के घर जाए या ना जाएं लेकिन मास्क पहनकर रखें।

posted by -दीपिका पाठक