सीएम जयराम : विपक्ष का रवैया चिंताजनक है

शिमला : विपक्ष के बिना प्रश्नकाल की कार्यवाही बुधवार को 12 बजे संपन्न की गई तो इस पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि विपक्ष का रवैया जिस तरह का रहा है, उस पर वह चिंता व्यक्त करते हैं। अंजाम दी गई घटना इनके लिए अपने ही गले की हड्डी बन गई है। अध्यक्ष की कुर्सी के सामने ही सवाल खड़ा करने की कोशिश की गई है। यह घटना बड़ी है। इससे सदन की मर्यादा को भी ठेस पहुंची है।

सीएम जयराम ठाकुर ने बुधवार को सदन में कहा कि सदन को बुलाना चाहिए, उस घटना पर विचार करना चाहिए। इसलिए अगर चार या पांच मिनट पहले संदेश मिला तो ये लोग कितने किलोमीटर दूर चले गए थे। ये तो विपक्ष के लॉज में बैठे थे। सदन की कार्यवाही समन करने के बाद लगभग एक घंटे चली। विपक्ष की अगर सदन की कार्यवाही में भाग लेने की नीयत होती तो वे भाग ले सकते थे। एक घंटे तक चर्चा हुई, पर इसमें शामिल नहीं हुए।

सीएम जयराम ने तंज कसा कि इन्हें लग रहा था कि इतना बड़ा काम कर दिया है कि जिसका कोई सम्मान मिलना चाहिए था। अगर मार्शल के माध्यम से कार्रवाई की गई तो वह भी कानून के अनुसार की गई। भारतीय दंड संहिता के अनुसार स्पष्ट है कि इस तरह के व्यवहार जिससे बहुत बड़े संवैधानिक संस्थान की अवहेलना हो रही है, उस पर कार्रवाई होती है। राज्यपाल की गाड़ी रोककर इसे तोड़ने की कोशिश की गई।

सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी को यह जानकारी नहीं है कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपाल के काम में बाधा पहुंचाई जाए तो इस तरह की धाराएं लगती हैं जो लगाई गई हैं। अगर उनको लगता है कि उन्हें अपना पक्ष रखने की जरूरत ही नहीं है तो जो भी अध्यक्ष की ओर से कार्रवाई की गई है, वह सही है।

सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि यह वाकआउट निंदनीय है। विपक्ष अपना पक्ष रखता है तो अच्छा लगता है। जिस तरह से नियमों और कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, वह गलत है। सीएम बोले - विपक्ष के नेता श्रीमान जी बाहर किस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं। इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उनके यहां होता होगा, देवभूमि में नहीं होता। उनके ही क्षेत्र में लोगों ने उन्हें अपनी भाषा सुधारने की सलाह दी है।