प्रदेश के कृषि निदेशक ने किया जनपद को एक दिवसीय भ्रमण

                                    
बहराइच । जनपद में संचालित कृषि गतिविधियों का जायज़ा लेने के उद्देश्य से प्रदेश के कृषि निदेशक डाॅ. ए.पी. श्रीवास्तव जनपद का एक दिवसीय भ्रमण किया। एक दिवसीय जनपद भ्रमण कार्यक्रम जनपद की सीमा घाघराघाट पहुॅचने पर संयुक्त कृषि निदेशक देवीपाटन मण्डल गोण्डा डाॅ. पी.के गुप्ता, डी.डी.पी.पी. देवीपाटन मण्डल सुरेन्द्र कुमार वर्मा, उप कृषि निदेशक डाॅ. आर.के. सिंह, जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार पाण्डेय, जिला कृषि रक्षा अधिकारी आर.डी. वर्मा एवं भूमि संरक्षण अधिकारी अरविन्द कुमार विश्वकर्मा द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर कृषि निदेशक का स्वागत किया गया।

सर्वप्रथम कृषि निदेशक जरवल में शिव कुमार यादव के मशरूम फार्म व मोती उत्पादन केन्द्र का निरीक्षण किया तथा कृषक से मशरूम एवं मोती के उत्पादन, बिक्री तथा आय के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की। इसके पश्चात कृयिा निदेशक ने जरवल के ही प्रगतिशील कृषक गुलाम मोहम्मद के लेयर पोल्ट्री फार्म, मत्स्यपालन, कड़क नाथ मुर्गें की फार्मिंग व बटेर पालन यूनिटों का निरीक्षण तथा केला एवं काशमीरी ऐपल बेर की फार्मिंग को भी देखा। निदेशक ने प्रगतिशील कृषक गुलाम मोहम्मद से संवाद स्थापित कर उनके द्वारा की जी रही औद्यानिक खेती तथा कृषि आधारित अन्य व्यवसाय के संचालन के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। कृषि निदेशक ने प्रगतिशील कृषक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि दूसरे कृषकों को भी गुलाम मोहम्मद से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ें। इस अवसर पर प्रतिशील कृषक ने कृषि निदेशक को काशमीरी ऐपल बेर का पौधा भेंट किया।

इसके उपरान्त कृषि निदेशक ब्लाक चित्तौरा के ग्राम सोहरवाॅ पहुॅचे। जहाॅ पर परम्परागत कृषि विकास योजनान्तर्गत आयोजित जनपद स्तरीय जैविक किसान मेला/प्रदर्शनी/गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। गोण्ठी को सम्बोधित करते हुए कृषि निदेशक ने कहा कि जैविक खेती वक्त की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि जैविक खेती के माध्यम से जहाॅ हम एक ओर बिना रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग किये उच्चगुणवत्ता के उत्पाद प्राप्त कर सकते वहीं दूसरी ओर जैविक खेती से भूमि की उर्वरा शक्ति को भी बनाये रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज जैविक उत्पादों का एक अलग बाज़ार है। कृषि निदेशक ने किसानों को जैविक खेती के साथ-साथ कृषि आधारित अन्य व्यवसायों को अपनाने की सलाह दी ताकि आय में गुणात्मक वृद्धि हो सके। 

गोष्ठी को कृषि विभाग के मण्डलीय अधिकारी डाॅ. पी.के. गुप्ता, उप निदेशक कृषि बहराइच डाॅ. आर.के. सिंह व अन्य विभागीय अधिकारियों ने सम्बोधित कर विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रगतिशील कृषकों लालता प्रसाद गुप्ता, शक्तिनाथ सिंह, जगन्नाथ मौर्य, राम फेरन पाण्डेय व अन्य कृषकों ने भी गोष्ठी को सम्बोधित कर मौजूद कृषकों के साथ अनुभव साझा किये गये। इस अवसर पर महिला कृषक पार्वती देवी पत्नी लालता प्रसाद गुप्ता को उम्कृष्ट फसल उत्पादन के लिए सम्मानित किया गया साथ ही गोष्ठी में मौजूद जैविक खेती करने वाले अन्य किसानों को फूलों की माला पहनाकर उत्साहवर्धन किया गया। गोष्ठी के उपरान्त निदेशक ने अन्य विभागीय अधिकारियों तथा प्रगतिशील किसानों के साथ आयोजित प्रदर्शनी में लगाये गये जैविक स्टालों का निरीक्षण कर प्रदर्शित किये गये उत्पादों का अवलोकन कर किसानों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की।

इसके पश्चात कृषि निदेशक ने ब्लाक शिवपुर के ग्राम असवा मोहम्मदपुर में भूमि संरक्षण विभाग की परियोजना अन्तर्गत साइलेज पिट निर्माण अन्तर्गत निर्मित सोकपिट का निरीक्षण किया तथा पशुधन विकास योजना के तहत गाॅय एवं भैंस प्राप्त करने वाले लाभार्थियों से वार्ता की। ग्राम के निरीक्षण के दौरान कृषि निदेशक द्वारा कृषि विभाग के फसल प्रदर्शन क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया गया। 
उप निदेशक कृषि डाॅ. सिंह ने बताया कि कृषि निदेशक जनपद के किसानों द्वारा किये जा रहे फसल उत्पादन, जैविक खेती, पोल्ट्री, मशरूम एवं औद्यानिक खेती के क्षेत्र में हो रहे विकास से प्रभावित हुए तथा कृषि विभाग तथा एलायड विभाग के अधिकारियों के अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की।