चिड़चिड़ापन रहेगा और दर्द भी, ये गलतियां आपको बार बार देगी वैजाइना इंफेक्शन

महिलाएं वैसे तो हर छोटी-बड़ी बात के लिए एक-दूसरे की सलाह लेती हैं। मगर, बात जब प्राइवेट पार्ट इंफैक्शन की हो तो यह सीक्रेट मैटर बन जाता है क्योंकि उन्हें इस बारे में बात करते हुए झिझक व शर्म महसूस होती है लेकिन आप यह एक गलती किसी बड़ी बीमारी का कारण बन सकती है। वैजाइना में इरिटेशन, स्वेलिंग या इंफेक्शन होना आम है लेकिन अगर यह समस्या ज्यादा समय तक बनी रहे तो समस्या खड़ी हो सकती है।
क्यों होती है वैजाइना इंफेक्शन?
कई बार एंटीबायोटिक्स का अधिक सेवन करने से शरीर के जरूरी बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं। इससे कैंडिडा एल्बीकैंस नामक फंगस फैलने लगता है और वैजाइना में इन्फेक्शन का कारण बनता है। वैजाइना में इंफेक्शन 3 तरह की होती है यीस्ट, बैक्टीरियल वेजिनोसिस और ट्राइकोमोनिएसिस। अगर समय रहते इलाज ना किया जाए तो यह तीनों स्थिति ही खतरनाक साबित हो सकती है।
आपकी ही गलतियां है इंफेक्शन का कारण
. वैजाइना में इंफेक्शन का सबसे बड़ा कारण है योनि की सफाई ठीक तरह से ना करना। वहीं मैरिड लड़कियों को इंटरकोर्स के बाद इंफेक्शन का खतरा रहता है क्योंकि वह पर्सनल हाइजीन को अनदेखा कर देती हैं।
. पीरियड्स के दिनों में पैड को लंबे समय तक ना बदलना।
. हेयर रिमूव करन के लिए बार-बार एक ही रेजर का इस्तेमाल
. हार्श साबुन या कैमिकल्स यूज करने की वजह से भी यह समस्या हो सकती है।
. नायलॉन या सिंथेटिक अंडरगारमेंट्स पहनने की वजह से पसीना आता है जिससे इंफेक्शन, रैशेज व खुजली की समस्या हो सकती है।
. इसके अलावा हार्मोनल बर्थ कंट्रोल पिल्स, अधिक चीनी खाना, शराब पीना, देर रात तक जागना, तनाव और असुरक्षित इंटरकोर्स भी वैजाइना इंफेक्शन का कारण है।
प्रेगनेंसी में बढ़ जाता है खतरा
दरअसल, प्रेगनेंसी में महिलाओं के शरीर में कई हॉर्मोन्स की संख्या बढ़ जाती है, जिसके कारण वैजाइना इंफेक्श का खतरा भी कई गुना ज्यादा रहता है। ऐसे में महिलाओं को अधिक सावधान रहने की जरूरत होती है। इसके कारण गर्भस्घ्थ शिशु को तो कोई हानि नहीं होती लेकिन महिलाओं को असहजता महसूस होती है।
बांझपन का बन सकता है कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि वैसे तो यह समस्या आम है लेकिन समय रहते ध्यान ना दिया जाए तो यह प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है। इसके कारण लड़कियों को आगे चलकर बांझपन हो सकता है। वैज्ञानिकों द्वारा 130 महिलाओं पर किए गए शोध में सामने आया कि केवल 9ः महिलाएं ही संक्रमण के बाद गर्भधारण कर पाई। बाकी महिलाओं में इसकी संभावना कम थी क्योंकि इसके कारण वैजाइना का बैक्टीरिया संतुलन बिगड़ जाता है। वैजाइना इंफेक्शन से बचने के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखें और हैल्दी डाइट लें। इसके साथ ही आप कुछ घरेलू नुस्खे भी ट्राई कर सकीत हैं।
1. इसके लिए 1 लीटर पानी में 3 टेबलस्पून एप्पल साइडर विनेगर मिलाकर योनि की सफाई करें।
2. नीम का पानी या नहाने के पानी टी ट्री ऑयल की कुछ बूंदें मिलाने से भी यह समस्या दूर होगी।
3. नारियल तेल या एलोवेरा जेल लगाएं। इससे भी इंफेक्शन से राहत मिलेगी।
4. गेंदे के पत्तों को पीसकर प्रभावित एरिया पर लगाएं। ऐसा दिन में 2-3 बार करें।
इसके बावजूद भी समस्या 3-4 दिनों में ठीक या कम ना हो तो तुरंत गायनोकॉलोजिस्ट से संपर्क करें।

posted by -दीपिका पाठक