अनिल देशमुख विवाद को लेकर फडणवीस का आक्रामक रुख, कहा- क्वारटीन नहीं थे गृहमंत्री, पवार को दी गई गलत जानकारी

मुंबई: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अनिल देशमुख विवाद को लेकर मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर उद्धव सरकार को निशाने पर लिया. उन्होंने दावा किया कि शरद पवार को गलत जानकारी दी गई और गृहमंत्री कोरोना संक्रमित होने के बावजूद क्वारंटीन नहीं हुए. प्रेस कांफ्रेंस में हिंदी बोलते हुए फडणवीस ने कहा कि शरद पवार ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय कर दिया है इसलिए मैं हिंदी में बोलूंगा. उन्होंने कहा कि मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने एक पत्र मुख्यमंत्री को लिखा और पत्र में अरोप लगाया कि 100 करोड़ का टारगेट गृहमंत्री ने वझे को दिया था. कल शरद पवार जी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि परमबीर के दावे झूठे हैं क्योंकि गृहमंत्री अनिल देशमुख नागपुर में थे. इसके बाद फडणवीस ने एक टिकट दिखाते हुए दावा किया कि यह उनका प्राइवेट प्लेन का टिकट है जोकि नागपुर से मुंबई का है, यह 15 फरवरी का है.
इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री ने एक और पत्र दिखाते हुए कहा कि 24 फरवरी को पुलिस विभाग को एक बंदोबस्त पत्र जारी किया गया था. जिसमे अनिल देशमुख मोटर से निवास से मंत्रालय जाकर वापस आएंगे. ये पुलिस के पत्र हैं. उन्होंने कहा कि गृहमंत्री गये या नही ये मुझे पता नही. फडवीस ने कहा कि इसका मतलब शरद पवार जो राष्ट्रीय नेता है, उनके मुंह से गलत बातें कहलवाई गई. उन्होंने कहा कि मेरा मानना है 15 फरवरी से 27 फरवरी तक गृहमंत्री क्वारंटाइन नही थे, वह कई लोगों से मिले थे.
इसके बाद फडवीस ने देखमुख के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि IPS रश्मि शुक्ला जो आर आर पाटिल, मेरे समय भी और इस सरकार में थी. उन्हें तबादलों के खेल की जानकारी मिली थी. तब DG को उन्होंने इसकी जानकारी देते हुए कुछ नंबरों की रिकॉर्डिंग की परमिशन मांगी थी. जब रिकॉर्डिंग शुरू हुई तब उसमे कई बड़े लोगों के नाम आने लगे. उन्होंने बताया कि तब COI ने पूरी रिपोर्ट 25/8/2020 को बनाकर DG साहब को दी थी. DG ने उस समय के ACS को 26/08/2020 को यह रिपोर्ट दी थी.
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मेरी जानकारी ये पूरी ब्रीफिंग मुख्यमंत्री को हुई थी. तब मुख्यमंत्री ने चिंता भी जाहिर की थी. उन्होंने कहा कि मेरे पास 6.3 जी बी डेटा है, यह सब मुख्यमंत्री को भेजे गए है लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई. हैरानी जताते हुए फडणवीस ने कहा कि रिपोर्ट गृहमंत्री के पास चली गई. जहां कार्रवाई उसी COI की हुई जिसने ये खुलासा किया था. उनका तबादला कर दिया गया प्रमोशन भी नही दिया गया. उन्होंने कहा कि उनके लिए सिविल डिफेंस के DG की एक पोस्ट तैयार की गई.
उन्होंने आरोप लगाया कि इस केस में कोई कार्रवाई नही की गई और बदले में जिसको जो पोस्ट मिलने की बात कही गई थी वही पोस्ट भी मिली. फडणवीस ने बताया कि मैंने दिल्ली में आज शाम को होम सेक्रेटरी से इजाजत मांगी है. उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली जाकर उन्हें सब जानकारी दूंगा. क्योंकि इसमें कुछ IPS अफसर भी शामिल हैं इसलिए मैं पूरे मामले की CBI जांच की मांग करुंगा.