उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हाथियों के संरक्षण पर सरकार से मांगी रिपोर्ट

नैनीताल: उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने शिवालिक एलीफेंट रिजर्व को रद्द (डिनोटिफाई) करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए बुधवार को राज्य वन्य जीव बोर्ड से हाथियों के संरक्षण और राज्य सरकार से ज्योलिग्रांट हवाई अड्डा के विस्तार को लेकर सम्पूर्ण रिपोर्ट मांगी है।

मुख्य न्यायाधीश आरएस चैहान और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने आज पर्यावरण प्रेमी रीनू पाॅल की ओर से दायर जनहित याचिका सुनवाई के दौरान राज्य वन्य जीव बोर्ड के सदस्य सचिव जे0 एस0 सुहाग ने अदालत को बताया कि सरकार हाथियों के संरक्षण के लिये तमाम कदम उठा रही है। 

उनके जवाब से अदालत संतुष्ट नजर नहीं आयी और कहा कि वन्य जीवों का संरक्षण करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। अदालत ने कहा राज्य सरकार से पूछा है कि वन्य जीवों व पर्यावरण संरक्षण के साथ ही ज्योलिग्रांट हवाई अड्डा के विस्तार के लिये क्या कदम उठा रही है इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट पेश करे।