एक नया भारत बन रहा है, बुनियादी ढांचा अमेरिका, यूरोप से कम नहीं होगा

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि एक नया भारत बन रहा है जहां ढांचागत सुविधाएं अगले पांच साल में अमेरिका और यूरोप से कम नहीं होंगी. उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में 17 लाख करोड़ रुपये मूल्य की परियोजनाओं के साथ इस संदर्भ में मजबूत आधारशिला रखी जा चुकी है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम) मंत्री ने कहा कि पिछड़े क्षेत्रों, पूर्वोत्तर और सीमावर्ती इलाकों का विकास सरकार की प्राथमिकता है. गडकरी ने कहा, ‘‘मैं आपको गारंटी दे सकता हूं कि अगले पांच साल में भारत का बुनियादी ढांचा बदल जाएगा...यह अमेरिका और यूरोपीय देशों से कहीं से भी कम नहीं होगा...एक नया भारत उभर रहा है.''

उन्होंने कहा कि और इसकी आधारशिला पहले ही पड़ चुकी है. पिछले पांच साल में बुनियादी ढांचा क्षेत्र में 17 लाख करोड़ रुपये मूल्य के उनके मंत्रालयों में काम हुए हैं. गडकरी ने कहा कि हरित एक्सप्रेसवे गलियारों का नेटवर्क बिछाया जा रहा है. इसमें एक लाख करोड़ रुपये का दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे शामिल हैं. तीस किलोमीटर द्वारका एक्सप्रेसवे का निर्माण 10,000 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है. यह इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना है. इससे दिल्ली की सीमाओं पर सिंगापुर जैसे दृश्य देखने को मिलेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि सीमावर्ती इलाकों में सड़कों को बेहतर बनाया गया है और पिथौड़ागढ़ के रास्ते कैलाश मानसरोवर मार्ग पर करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो गया है. किसानों के आंदोलन के बारे में गडकरी ने कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन का सबको अधिकार है लेकिन उन्हें आम लोगों को इससे होने वाली परेशानियों के बारे में सोचना चाहिए. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बारे में मंत्री ने कहा कि राज्य में बदलाव तय है और भाजपा एक अच्छा विकल्प है.