चिकोटी

एक तरफ दिल्ली खड़ी,
एक तरफ बंगाल।

कलकत्ता जय के लिए,
बजा रहे हैं गाल।

बिदा कर देंगे बेटी।
पराजित होगी हेठी।

धीरु भाई